राजधानी में सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने वालों के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर बुलडोजर चलाकर 89 अवैध मकान और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान करीब 7.5 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 8 करोड़ रुपए से अधिक है।

छावनी पठार में दशकों पुराने कब्जों पर चला बुलडोजर

हजूर एसडीएम विनोद सोनकिया की निगरानी में छावनी पठार क्षेत्र में लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमि पर वर्षों से बने 54 अवैध मकानों और दुकानों को जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई में करीब 2.5 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए आंकी गई है।

कोलार के कजलिखेड़ा में भी बड़ा अभियान

दूसरी कार्रवाई कोलार रोड स्थित कजलिखेड़ा में की गई, जहां सरकारी जमीन पर बने 35 अवैध मकानों को हटाया गया। प्रशासन के अनुसार यहां करीब 5 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर कब्जा किया गया था। कई लोगों ने 4 हजार से 5 हजार वर्गफीट तक के भूखंडों पर अवैध निर्माण कर लिया था। नोटिस देने के बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की।

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चार घंटे में साफ हुई करोड़ों की जमीन

सुबह से शुरू हुआ अभियान करीब चार घंटे तक चला। दोनों स्थानों पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी, जिससे किसी तरह का विरोध या विवाद सामने नहीं आया। अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद खाली कराई गई जमीन की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और सीमांकन कर उसे सुरक्षित किया जाएगा, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जे की कोशिश न हो सके। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें हैं, वहां भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है।



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