पुलिस के मुताबिक आरोपी नीतेश धौलपुरे ईडी कार्यालय में सफाई कार्य का जिम्मा संभालता था। कुछ दिनों की छुट्टी के बाद जब वह दोबारा ड्यूटी पर लौटा, तब अधिकारियों ने उसे कार्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार करने और नियमित रूप से काम करने की हिदायत दी। इसी बात को लेकर नीतेश अधिकारियों से उलझ पड़ा और कार्यालय में बहस करने लगा। कर्मचारियों ने किसी तरह स्थिति संभाली, लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ।
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करीब दस दिन बाद ईडी कर्मचारी ने दर्ज कराया केस
आरोप है कि अगले दिन दो जून को नीतेश अपने पिता मुकेश धौलपुरे और कुछ अन्य लोगों को लेकर सीधे ईडी कार्यालय पहुंच गया। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला उग्र हो गया और कार्यालय में रखे सामान के साथ तोड़फोड़ की गई। अचानक हुए हंगामे से कर्मचारी दहशत में आ गए और कुछ देर के लिए पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के आठ दिन बाद दर्ज कराया केस
हालांकि, घटना के आठ दिन बाद ईडी कर्मचारी दिलीप आर्य की शिकायत पर एमपी नगर थाना पुलिस ने 10-11 जून की दरमियानी रात नीतेश धौलपुरे, उसके पिता मुकेश धौलपुरे और अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।