नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शासकीय अधिवक्ताओं के बीच एक बार फिर कार्य विभाजन किया गया है। पिछली बार लोक अभियोजक विजय शर्मा को सिविल मामलों से हटाकर उनके कालम के आगे निरंक लिखा गया था, इस बार हुए कार्य विभाजन में लोक अभियोजक (पब्लिक प्रोसिक्यूटर) को दोबारा सिविल मामले दे दिए गए हैं।
सरकारी जमीनों के मामले में लगातार शासन की हार को लेकर चर्चा में आए लोक अभियोजक विजय शर्मा की दोबारा वापसी चौंकाने का विषय बन गई है, शासकीय सहित अधिवक्ताओं का वर्ग इसको लेकर हैरत में है। वहीं इस बार कार्य विभाजन कोर्ट वार न करते हुए विभागवार किया गया है जिसमें कुछ कोर्ट ऐसे भी हैं जहां पहले से शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त हैं। खास बात एक और यह कि यह नया कार्य विभाजन दो माह के लिए किया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में मामलों में वकालतनामों को बदलना होगा। कई परेशानियां आएंगी।
बता दें कि अपर कलेक्टर की ओर से आठ जून 2026 को यह कार्य विभाजन का आदेश जारी किया गया है, इसमें शासकीय अधिवक्ता, लोक अभियोजक, अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता व अपर लोक अभियोजकों के मध्य कार्य बांटा गया है। इसमें लोक अभियोजक विजय कुमार शर्मा को पुलिस विभाग, खाद्य विभाग, खनिज विभाग, तहसील मुरार के सर्किल मुरार, बड़ागांव व सुपावली दिया गया है। इसी तरह कुल 15 शासकीय अधिवक्ताओं का कार्य विभाजन किया गया है।
पाक्सो, एट्रोसिटीज जैसे कोर्ट में पहले से नियुक्ति
अधिवक्ताओं के अनुसार पाक्सो, एट्रोसिटीज स्पेशल कोर्ट में पहले से शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति हैं अब इन कोर्ट में जो नए अधिवक्ता भेजे गए हैं वे काम करेंगे या पहले के अधिवक्ता करेंगे, इसको लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति है।
10 जून 2024 को हुए कार्य विभाजन में निरंक थे शर्मा
इससे पहले 10 जून 2024 को कलेक्टर की ओर से कार्य विभाजन के आदेश जारी किए गए थे। लोक अभियोजक विजय कुमार शर्मा को निरंक किए जाने यानी सिविल मामलों से इसलिए हटाया गया था कि शासकीय जमीनों व माफी की जमीनों के मामले में शासन की लगातार हार हो रही थी और अभी भी कई प्रकरण ऐसे हैं जिनमें विजय कुमार शर्मा के कारण शासन का पक्ष मजबूत स्थिति में नहीं हैं। विजय कुमार शर्मा पर माफी की जमीन पर नामांतरण कराने सहित कई शिकायतें लंबित हैं।
शासकीय अधिवक्ताओं को लेकर कार्य विभाजन किया गया है, दो माह बाद नियुक्तियां होना है, इसको लेकर दो माह के लिए विभाजन किया गया है। -सीबी प्रसाद, अपर कलेक्टर, ग्वालियर।
