नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भूखंड के नामांतरण के लिए एक साल से आवेदक को चक्कर कटवाने और रिश्वत मांगने के आरोप में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ग्वालियर ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार वृत्त गोसपुरा रमाशंकर सिंह के रीडर अनिल कुडबाडिया को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया।

रजिस्ट्री के बाद दो बार गायब कर दी फाइल

यह कार्रवाई जितेंद्र पांडे निवासी घास मंडी की शिकायत पर हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने रानीपुरा स्थित अपना एक प्लॉट अपनी बुआ को बेच दिया था। 16 जुलाई 2025 को रजिस्ट्री होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन संबंधित फाइल लगातार अटकाई जाती रही।

उनका आरोप है कि नायब तहसीलदार कार्यालय में पदस्थ रीडर अनिल कुडबाडिया ने पहले एक फाइल गुम कर दी। इसके बाद दूसरी फाइल तैयार कर जमा कराई गई, लेकिन वह भी गायब हो गई। बाद में तीसरी बार फाइल प्रस्तुत की गई, तब भी नामांतरण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई और रिश्वत की मांग कर दी। जिसके बाद उन्होंने ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज करवाई।

कहा- हमारी सेवा करो, 40 हजार में डील हुई

पीड़ित का आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने और नामांतरण करने के एवज में रीडर ने पहले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उसने कहा था कि ऐसे काम नहीं होगा आपको हमारी सेवा करना होगी। 50 हजार की मांग के बाद में बातचीत के दौरान यह राशि 40 हजार रुपये पर तय हुई।

शिकायतकर्ता जितेंद्र पांडे के अनुसार आरोपी ने रिश्वत की मांग करते समय कहा था कि रकम में उसका भी हिस्सा है और वरिष्ठ अधिकारी का भी हिस्सा शामिल है। लगातार हो रही परेशानी और रिश्वत की मांग से तंग आकर उन्होंने मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू ग्वालियर से की।

ट्रैप कर फंसाया, फिर ईओडब्ल्यू ने धावा बोला

शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक मदनमोहन मालवीय को सौंपी गई। शिकायत का सत्यापन कराया गया तथा बातचीत की रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य जुटाए गए। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ईओडब्ल्यू ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

गुरुवार को शिकायतकर्ता तय योजना के अनुसार कलेक्ट्रेट स्थित नायब तहसीलदार रमाशंकर सिंह के कार्यालय पहुंचा। यहां जैसे ही उसने रीडर अनिल कुडबाडिया को 20 हजार रुपये दिए, ईओडब्ल्यू टीम ने एकदम सामने आकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।

शिकायत के 24 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई

ईओडब्ल्यू के अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा 10 जून को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने के पर्याप्त प्रमाण मिले थे। इसी आधार पर ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के बाद ईओडब्ल्यू की टीम कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।



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