देशभर में चर्चा का विषय बने मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द मामला अब सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा। गुरुवार तड़के कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, सुबह सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को शुक्रवार को सुनने पर सहमति जताई है। 

सुप्रीम कोर्ट कल कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने अपने राज्यसभा नामांकन पत्रों को खारिज किए जाने को चुनौती दी है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति पीके मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए इसे अत्यंत तत्काल सुनवाई योग्य मामला बताया और शीघ्र सुनवाई या अंतरिम आदेश की मांग की। अदालत ने उनकी दलीलों पर संज्ञान लेते हुए मामले को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

सिंघवी ने दलील दी कि रिटर्निंग ऑफिसर ने यह कहते हुए नामांकन खारिज किया कि नटराजन ने लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी, जबकि वास्तव में केवल समन जारी हुआ था और मामले में अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि यहां तक कि संज्ञान भी नहीं लिया गया था, फिर भी नामांकन खारिज कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय अवैध, मनमाना और पक्षपातपूर्ण है। साथ ही नामांकन खारिज करने के आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई, लेकिन साथ ही कहा कि वास्तविक कानूनी उपाय चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटीशन) दायर करना है।

ये भी पढ़ें- Meenakshi Natarajan Controversy LIVE: नटराजन मामले में SC कल करेगा सुनवाई, आज नामवापसी की आखिरी तारीख

क्या है पूरा मामला

दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित प्रकरण की जानकारी नहीं दी है। इसी आधार पर भाजपा ने उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है। जांच के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया। वहीं कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पार्टी के अनुसार उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख करने का कोई दायित्व नहीं था। कांग्रेस का तर्क है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ किसी न्यायालय ने अभी तक आरोप तय नहीं किए हैं और न ही उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है। इसलिए भाजपा की आपत्ति का कोई कानूनी आधार नहीं है। पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पहुंचकर अपनी बात रखी थी। अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। 

नाम वापसी का आज आखिरी दिन

गुरुवार यानी 11 जून राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम वापसी का आखिरी दिन है। मध्य प्रदेश के सियासी उठापटक से मामला पेंचिदा हो गया है। चुनाव आयोग के फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर भी सबकी नजरें हैं। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *