भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और संघ कार्यकर्ता के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 4 से विधायक मालिनी गौड़ का पीए प्रणय चित्तौड़ा भी शामिल है। प्रणय ने कहा कि वे दो दिन महेश्वर में थे, लेकिन उनका नाम झूठा फंसाया गया है। 

विवाद की वजग कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुई बात बताई जा रही है। इसके बाद इंदौर की राजनीति गरमा गई है। विवाद पुलिस तक पहुंचा और संघ से जुड़े धड़े का पलड़ा भारी पड़ा। पुलिस ने वीरेंद्र शेंडगे के अलावा गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकाटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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प्रभारी पद से हटाया

पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। उससे पहले ही भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेंडगे को विधानसभा चार के भाजपा प्रभारी पद से हटा दिया। विधायक खेमा इस कोशिश में जुटा था कि इस केस में पीए प्रणय का नाम न आए, लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। प्रणय का कहना है कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक इस मामले से जोड़कर केस दर्ज किया गया है। वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महेश्वर में थे, लेकिन बेवजह घसीटा जा रहा है।

पुलिस अफसरों से विवाद में चर्चा में आए थे शेंडके

बता दें कि पिछले दिनों महूनाका चौराहे पर वीरेंद्र शेंडके का विवाद पुलिस अफसरों से हुआ था। तब उनके समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया। तब विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रणय ने मौके पर आकर विवाद सुलझाया था। बाद में इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन पुलिस अफसरों को हटाया था।



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