इंदौर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और पिछले चौबीस घंटों के दौरान तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आज का तापमान 38.8 डिग्री दर्ज किया गया जो कल से 1.4 डिग्री अधिक था। वहीं शनिवार रात का तापमान 25.8 डिग्री दर्ज किया गया जिसमें 1.2 डिग्री का उछाल देखा गया। 

तपिश बढ़ने के साथ ही शहरवासी उमस के दौर से परेशान हैं। रविवार सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप खिली रही। दोपहर में लोग उमस और गर्मी से परेशान दिखे। जून के इस पहले सप्ताह में चार दिन दोपहर का तापमान अड़तीस डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा चुका है। इससे पहले चार जून को रात का पारा गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था, जिसने ठंडक का अहसास कराया था।

मानसून की चाल और मध्य प्रदेश में एंट्री की संभावना

इसी बीच देश के मौसम विभाग से राहत की खबर आ रही है। केरल के रास्ते देश में प्रवेश करने वाले दक्षिण पश्चिमी मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार तक यह तेजी से आगे बढ़ते हुए कर्नाटक और तमिलनाडु को पार कर गोवा की सीमा तक पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून जल्द ही महाराष्ट्र में दस्तक देगा। इस बदली हुई परिस्थिति के कारण मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री बीस जून से पहले होने की प्रबल संभावना बन गई है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 15 जून मानी जाती है और यह राज्य के दक्षिणी हिस्से से प्रवेश करता है। पिछले साल यानी साल 2025 में मानसून अपने तय समय से महज एक दिन की देरी से यानी 16 जून को आया था और इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्य नियम के मुताबिक केरल में मानसून आने के ठीक 15 दिन बाद यह मध्य प्रदेश पहुंच जाता है। इस बार केरल में चार जून को मानसून ने दस्तक दी है, जिसके चलते मध्य प्रदेश में भी इसके 20 जून से पहले आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इंदौर में जून महीने में हो जाती है ठंंडक

जून के महीने में इंदौर के तापमान में आमतौर पर गिरावट देखी जाती है। अगर पिछले 7 साल यानी साल 2020 से लेकर 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान जून में अपेक्षाकृत कम गर्मी पड़ी है। इन कुछ वर्षों में अधिकतम पारा 39.6 डिग्री से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच ही झूलता रहा है। पिछले साल जून में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री तक गया था। इंदौर में जून के महीने में पूरे सीजन के कोटे की लगभग 20 प्रतिशत बारिश हो जाती है। पिछले साल इस महीने में करीब 5.5 इंच पानी बरसा था। यदि इतिहास के पन्नों को पलटें तो साल 1980 के जून महीने में इंदौर में 17 इंच से भी ज्यादा रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई थी। इसके अलावा 24 घंटे में सबसे ज्यादा 5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। गर्मी के रिकॉर्ड की बात करें तो 3 जून 1990 को इंदौर में ऐतिहासिक रूप से दिन का पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था, जबकि 12 जून 1948 को न्यूनतम तापमान सबसे कम यानी 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

 



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