नगरीय निकाय चुनाव और आगामी मानसून की तैयारियों के बीच इंदौर नगर निगम ने जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जल संवर्धन अभियान को गति देते हुए निगम प्रशासन ने अब शहर के सार्वजनिक बगीचों में मौजूद बोरिंगों पर वाटर रिचार्ज सिस्टम लगाने की व्यापक योजना तैयार की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर को सुधारना और ग्रीष्मकाल में होने वाली पानी की किल्लत को दूर करना है।
उद्यान दरोगाओं को सूची तैयार करने के निर्देश
इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल समेत कई अधिकारी खुद नजर रख रहे हैं। शहर के सभी उद्यान दरोगाओं को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले ऐसे बगीचों की एक विस्तृत सूची तैयार करें जहां पहले से बोरिंग स्थापित हैं। सूची प्राप्त होने के बाद नगर निगम इन चिन्हित स्थानों पर जनसहयोग, स्वयं के बजट और विभिन्न सामाजिक संगठनों की मदद से वाटर रिचार्जिंग सिस्टम स्थापित करने का कार्य शुरू करेगा।
बदहाल बगीचों की सुधरेगी सूरत और बढ़ेगी जल क्षमता
वर्तमान में इंदौर शहर के भीतर नगर निगम के स्वामित्व और प्रबंधन के अधीन 1300 से अधिक उद्यान आते हैं। इनमें से कई बगीचों का रख-रखाव बेहद शानदार है और वे शहर की खूबसूरती बढ़ा रहे हैं, जबकि कई उद्यान रख-रखाव के अभाव में बदहाल स्थिति में पहुंच चुके हैं। इन बदहाल बगीचों के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए निगम द्वारा कई बार निविदाएं भी आमंत्रित की गईं, लेकिन ठेकेदारों की बेरुखी के कारण काम अटका रहा। अब निगम प्रशासन ने रणनीति बदलते हुए इन उद्यानों में सीएसआर फंड और जनभागीदारी के माध्यम से वाटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाने को प्राथमिकता दी है, जिससे बारिश का पानी सीधे जमीन के भीतर जाकर बोरिंग की क्षमता को कई गुना बढ़ा सके।
निजी और व्यावसायिक भवनों के लिए भी नियम कड़े
जल संवर्धन की यह मुहिम केवल सरकारी बगीचों तक ही सीमित नहीं है। निगम अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के उन तमाम इलाकों को भी चिन्हित किया जा रहा है जहां बारिश के दिनों में जलजमाव की स्थिति निर्मित होती है। इसके अलावा सभी प्रमुख शासकीय भवनों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अपने परिसरों में वाटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बड़े आवासीय मकानों के मालिकों को भी निगम की ओर से लगातार नोटिस और सूचना पत्र जारी किए जा रहे हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम ने अपने अधिकृत और प्रशिक्षित प्लंबरों की सूची भी सार्वजनिक की है ताकि भवन स्वामी बिना किसी परेशानी के अपने घरों में यह प्रणाली स्थापित करवा सकें।
