सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए उज्जैन नगर निगम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान जूना सोमवारिया क्षेत्र में पानी की टंकी के पास स्थित सिंहस्थ क्षेत्र की करीब 40 हजार वर्गफीट यानी एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। बाजार मूल्य के हिसाब से इस जमीन की अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

कोर्ट से स्टे खारिज होते ही चला अभियान

नगर निगम के मुताबिक इस सरकारी जमीन पर लंबे समय से 17 से 20 अवैध निर्माण थे। कबाड़े वालों, लकड़ी की टाल संचालकों और कुछ स्थानीय लोगों ने यहां मकान, दुकान और गोदाम बना लिए थे। सिंहस्थ की दृष्टि से इस जगह का महत्व देखते हुए निगम ने कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन कब्जाधारी हाईकोर्ट पहुंच गए और स्टे ले आए।

कोर्ट ने स्टे को खारिज किया

निगम के वकीलों ने कोर्ट में मजबूत पैरवी की। हाल ही में उच्च न्यायालय ने स्टे खारिज कर दिया। आदेश मिलते ही निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश और अपर आयुक्त संतोष टैगोर के मार्गदर्शन में सोमवार को कार्रवाई तय की गई।

तहसीलदार-एसई की मौजूदगी में हटे कब्जे

सोमवार दोपहर तहसीलदार शेफाली जैन की अगुवाई में निगम की टीम मौके पर पहुंची। टीम में एसई संतोष गुप्ता, जोन-1 के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर और बिल्डिंग इंस्पेक्टर शिवम गुप्ता शामिल थे। जेसीबी की मदद से सभी अवैध गोदाम, दुकान और मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने बताया कि कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद सभी कब्जाधारियों को नियमानुसार नोटिस दिए गए थे। नोटिस अवधि पूरी होने पर आज ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

ये भी पढ़ें-  त्विषा केस: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए समर्थ और गिरिबाला, जांच में उठे नए सवाल

विरोध की आशंका पर रहा पुलिस बल तैनात

निगम को कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका थी, इसलिए रिमूवल गैंग के साथ पुलिस बल भी तैनात किया गया था। हालांकि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और किसी तरह का टकराव नहीं हुआ।

क्यों अहम है यह जमीन?

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और अस्थाई व्यवस्थाओं के लिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है। पानी की टंकी के पास स्थित यह एक हेक्टेयर जमीन मास्टर प्लान में भी सिंहस्थ क्षेत्र के लिए आरक्षित है। इसलिए इसे खाली कराना जरूरी था। निगम अब इस जमीन को सुरक्षित करने के लिए फेंसिंग और बोर्ड लगाने की तैयारी में है, ताकि दोबारा कब्जा न हो सके। सिंहस्थ को देखते हुए शहर के अन्य हिस्सों में भी सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान जारी रहेगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed