राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वली रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोप-प्रत्यारोप दोनों ओर से लगाए जा रहे हैं। मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह पर हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने अन्य परिजनों के साथ गुरुवार दोपहर कटारा हिल्स थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और ट्विशा के अधिवक्ता पति समर्थ सिंह व अन्य के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की। पुलिस का तर्क है कि मामला नवविवाहिता का होने के कारण जांच एसीपी कर रहे हैं। इसलिए मायके वालों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तथ्यों की जांच के बाद ही जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मृतका ट्विशा शर्मा के भाई हर्षित शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि मेरी बहन के साथ समर्थ सिंह ने दिसंबर 2025 में शादी की थी। शादी से पहले ट्विशा अच्छी नौकरी करती थी। चूंकि डेटिंग एप के जरिए शादी हुई, इसलिए परिवार को समझने के लिए ट्विशा ने शादी के कुछ माह बाद ही नौकरी छोड़ दी थी और भोपाल में पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह के साथ रहने लगी। नौकरी छोड़ने के बाद समर्थ सिंह को पता चला कि ट्विशा शर्मा के म्युचुअल फंड में 20 लाख का निवेश है। समर्थ सिंह इसके बाद से ही ट्विशा पर दबाव बनाने लगा था कि उक्त राशि निकालकर उसके बैंक खाते में जमा कर दे या ट्रांसफर कर दे। ट्विशा ने जब 20 लाख रुपये पति समर्थ सिंह के बैंक खातों में ट्रांसफर नहीं किया तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।

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क्या है पूरा मामला

31 वर्षीय ट्विशा मूलतः नोएडा की रहने वाली थी। उसने दिसंबर 2025 में डेटिंग एप के जरिए भोपाल निवासी रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह से विवाह किया था। 12 मई को ट्विशा ने रात में फोन कर परिजनों का बताया था कि अब सहन नहीं हो रहा है। ससुराल में उसे आए दिन प्रताड़ित किया जा रहा है। आठ दिन से लगातार टॉर्चर किया जा रहा है। नौकरी छोड़ने के बाद से उसे नाकारा कहा जा रहा है। उसे अनचाहे गर्भ से बच्चे पैदा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद मायके वालों ने कहा था कि तुम नोएडा आ जाओ। इसके दो घंटे बाद ही मायके वालों को ट्विशा की आत्महत्या की सूचना फोन पर मिली थी।

मायके वाले प्रकरण दर्ज कराने पर अड़े

गुरुवार को ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा, बहन, चाची और अन्य परिजन कटारा हिल्स थाने पहुंचे और थाना प्रभारी सुनील दुबे को पति समर्थ सिंह व अन्य द्वारा प्रताड़ित करने का लिखित आवेदन देते हुए प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की। इससे पहले मेजर हर्षित शर्मा पुलिस आयुक्त संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें भी आवेदन दिया है कि उनकी बहन की मौत आत्महत्या नहीं हत्या है। हत्या और प्रताड़ना सहित अन्य बिंदुओं पर जांच की जाए। मायके वाले प्रकरण दर्ज कराने के लिए थाने में हंगामा करते रहे, लेकिन मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस अधिकारी बहुत फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। ट्विशा के परिजनों के आरोप है कि कटारा हिल्स थाने के टीआई की मौजूदगी में थाना परिसर में बदसलूकी की गई। बुधवार रात परिजन थाने पहुंचे तो थाने का मेन गेट बंद कर दिया गया था। पुलिस जानबूझकर हमारे कथन दर्ज करने के बाद भी कार्रवाई में देरी कर रही है। आरोपी पक्ष हमारी बेटी की मौत के बाद भी उसे ही बदनाम करने में जुटा है। बेटी को ड्रग एडिक्ट तक बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य भी मिटाए गए हैं। पुलिस ससुराल पक्ष के दबाव में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है।

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केस दर्ज करने की मांग लेकर थाने के बाहर जमा परिजन।  



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