नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पेयजल योजनाओं, स्वच्छ जल अभियान और CM हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान समीक्षा में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद की गई। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे ने की समीक्षा में पाया कि नगर परिषद विजयपुर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनोज शर्मा ने स्वच्छ जल अभियान और सीएम हेल्पलाइन की पेयजल संबंधी शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही बरती। शिकायतें एल-4 स्तर तक पहुंचने के बावजूद समयसीमा में समाधान नहीं किया गया।
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इसी तरह नगर परिषद भांडेर, जिला दतिया में अमृत 2.0 योजना के तहत संविदाकार को निर्धारित समय में स्वीकृति पत्र जारी नहीं किए जाने पर हनुमंत भदौरिया को जिम्मेदार माना गया। विभाग ने इसे महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब और विभागीय निर्देशों की अवहेलना माना है। वहीं नगर परिषद बड़ौनी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर पर हितग्राही मूलक योजनाओं, स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने के आरोप लगे। साथ ही 13 मई को आयोजित विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने को भी गंभीर माना गया।
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विभाग ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि पेयजल व्यवस्था, जनहित योजनाओं और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि आमजन को समय पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कार्यों में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
