राजधानी भोपाल में रहने वाली एक महिला व्यापारी सहित तीन व्यक्तियों से ठगी का मामला सामने आया है। दो मामलों में रिटायर्ड अधिकारियों को निशना बनाया गया है। जबकि एक महिला व्यापारी को सामान डिलीवरी के नाम पर एडवांस भेजने का झांसा देकर जालसाजों ने 14 लाख की ठगी कर ली है। पुलिस ने तीनों मामलों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बागसेवनिया पुलिस के अनुसार सागर ग्रीन होम्स निवासी प्रिया मीना अपने घर से ही ऑनलाइन व्यापार संचालित करती हैं। उन्होंने फेसबुक पर एक सप्लायर का विज्ञापन देखकर संपर्क किया था। जालसाज ने खुद को एक निजी कंपनी का संचालक बताते हुए सामान सप्लाई का भरोसा दिया। पीड़िता ने जालसाज पर भरोसा कर एडवांस के रूप में मांगने पर चार किश्तों में 14 लाख के करीब रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। प्रिया पहले भी एक जालसाज के झांसे में आकर 60 हजार रुपए गवां चुकी हैं, इसके बाद भी ठग पर भरोसा कर लिया। जब सामान की डिलीवरी नहीं हुई तो उन्हें थाने में शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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रिटायर्ड कमिश्नर के खाते से यूपीआई से निकले एक लाख
कोलार पुलिस के अनुसार 81 वर्षीय बलवान सिंह आदिम जाति कल्याण विभाग से रिटायर्ड कमिश्नर हैं। उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से एक लाख दो हजार रुपये निकल गए। फिलहाल उन्हें यह याद नहीं है कि रकम किस प्रक्रिया के दौरान कटी। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोलार पुलिस बैंकिंग ट्रांजेक्शन और मोबाइल गतिविधियों की जांच कर रही है।
रिटायर्ड अधिकारी से हो गई तीन लाख की ठगी
बागसेवनिया पुलिस के अनुसार 67 वर्षीय शिवचरण करोडे़ बिजली विभाग में अधिकारी से सेवानिवृत्त हैं। इसी महीने की आठ मई को उनके मोबाइल पर एक जालसाज ने खुद को बिजली कंपनी का अधिकारी बताकर फोन किया है। जालसाज ने कहा कि उनका बिजली बिल लंबित है और ई-केवायसी नहीं होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद उसने एक लिंक भेजी और यूपीआई पासवर्ड डलवा लिया। कुछ ही देर में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से तीन लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
