इंदौर में सूर्य देव के तीखे तेवर ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से लोग हलाकान हैं। स्थिति यह है कि तेज धूप शरीर को झुलसा रही है, जिसके कारण दिन के समय सड़कों पर पहले जैसी चहल-पहल गायब हो गई है। लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया। बुधवार की सुबह भी राहत भरी नहीं रही और सुबह 10 बजे ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया। दोपहर 12 बजे के बाद से ही शहर की मुख्य सड़कें सूनी नजर आने लगीं क्योंकि लोगों ने गर्मी के डर से घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है। सुबह से ही चल रही लू के कारण लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं।
रात में भी राहत नहीं
केवल दिन ही नहीं, बल्कि रात के समय भी गर्मी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दिनभर की भीषण तपिश से गर्म हुई सड़कों का असर देर रात तक बना रहता है। मंगलवार की रात 9 बजे तक शहर में गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोगों में काफी बेचैनी देखी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि मंगलवार को इंदौर की रात प्रदेश की भी सबसे गर्म रात थी। इंदौर में जहां पारा 30.2 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं बाकी प्रदेश में यह कहीं भी 30 डिग्री तक भी नहीं पहुंच पाया। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि अभी अगले दो से तीन दिनों तक इसी तरह की तपिश बनी रहेगी। अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में और भी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी का प्रकोप और अधिक गंभीर हो सकता है।
प्रशासन ने बनाए 14 हीट स्ट्रोक क्लिनिक
गर्मी और लू के बढ़ते खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। लू की चपेट में आने वाले मरीजों के त्वरित इलाज के लिए जिला अस्पताल, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 14 हीट स्ट्रोक क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक तापमान और गर्म हवाओं से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसमें बुजुर्ग, बच्चे, खिलाड़ी और खुले में काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पसीना न आना, त्वचा का लाल व शुष्क होना, सिरदर्द, थकान, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षणों को तापघात के प्रमुख संकेत बताया है।
अस्पतालों में विशेष चिकित्सा व्यवस्था
लू से प्रभावित मरीजों के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष कक्ष आरक्षित किए गए हैं। इन कमरों में कूलर और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि मरीजों को ठंडक मिल सके। साथ ही ओआरएस के पैकेट और सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। शहर के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओआरएस कॉर्नर भी बनाए गए हैं, जहां कोई भी व्यक्ति जाकर ओआरएस ले सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और खाली पेट बाहर न निकलें। चाय, कॉफी और शराब के अधिक सेवन से बचने को कहा गया है क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने, सूती और ढीले कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय छतरी व चश्मे का प्रयोग करने की अपील की गई है। साथ ही बुखार या लू के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करने की सलाह दी गई है।
