ग्वालियर में नाला और सीवर सफाई समीक्षा बैठक राजनीतिक बहस में बदल गई। महापौर ने जलभराव रोकने निर्देश दिए, जबकि भाजपा-कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने एक-दूसर …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 10 May 2026 09:08:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 09:08:41 AM (IST)

ग्वालियर में समाधान बैठकों में सीवर समस्या को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षद भिड़े
कांग्रेस और भाजपा जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. सीवर और नाला सफाई बैठक में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने आए।
  2. महापौर ने जलभराव पर इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई चेतावनी दी।
  3. भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस सरकार पर सीवर समस्याएं बढ़ाने आरोप लगाए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मानसून से पहले शहर में गंदे पानी, सीवर और नाला सफाई की समस्याओं को लेकर नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आ रहा है, लेकिन इन समस्याओं के समाधान के लिए बुलाई गई समीक्षा बैठक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन गई। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार द्वारा विधायकों और पार्षदों के साथ आयोजित बैठकों में कांग्रेस और भाजपा जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस की नगर सरकार पर सीवर समस्याएं बढ़ाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि शहर की सीवर व्यवस्था वर्षों से बदहाल है और इसकी जिम्मेदारी पूर्व की भाजपा नगर सरकारों पर भी है।

बाल भवन स्थित एक्यूआइ सेंटर में विधानसभा क्षेत्रवार आयोजित इन बैठकों में शहर की जल निकासी व्यवस्था, नाला सफाई, सीवर लाइन मिलान और जलभराव वाले क्षेत्रों की समीक्षा की गई। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि बारिश के दौरान यदि किसी क्षेत्र में जलभराव हुआ तो संबंधित इंजीनियर सीधे जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोप

  • ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक के दौरान भाजपा पार्षद महेंद्र राठौर ने कांग्रेस की नगर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शहर में सीवर समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2010 से कई वार्डों में सीवर लाइनों का सही मिलान तक नहीं किया गया है। राठौर ने यह भी कहा कि यह बैठक केवल कांग्रेस पार्षदों के काम कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
  • भाजपा पार्षद के इस बयान पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध जताया। एमआइसी सदस्य अवधेश कौरव ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस की नगर सरकार को केवल साढ़े चार वर्ष हुए हैं, जबकि शहर की सीवर समस्याएं और लाइन मिलान की खामियां पिछले 16 वर्षों से चली आ रही हैं। उन्होंने कहा कि उस समय नगर निगम में भाजपा की सरकार थी और उसी दौरान कई योजनाओं में लापरवाही बरती गई।
  • बैठक के दौरान कुछ समय के लिए माहौल काफी गर्म हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि बाद में महापौर और अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर चर्चा को विकास और समाधान की दिशा में मोड़ा।
  • विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने वार्डवार मांगी रिपोर्ट

    • पूर्व विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक में कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने अधिकारियों से एक-एक वार्ड की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने गंदे पानी की निकासी, सीवर जाम और नाला सफाई को लेकर विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत जानकारी पर उन्होंने सीधे संबंधित पार्षदों से फोन पर पुष्टि भी कराई।
    • जब कई वार्डों के पार्षदों ने अधिकारियों द्वारा बताए गए कार्यों की पुष्टि नहीं की तो विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तुरंत वार्डों का दौरा करें और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
  • डॉ. सिकरवार ने कहा कि शहर के कई वार्डों में नालों की समय पर सफाई नहीं होने से हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने निगमायुक्त से कहा कि प्रत्येक जोन में अतिरिक्त 10-10 कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि मानसून से पहले नालों की पूरी तरह सफाई हो सके।
  • उन्होंने विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 18 और 19 का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में हर वर्ष सबसे अधिक परेशानी होती है, इसलिए यहां विशेष अभियान चलाकर नालों और सीवर लाइनों की सफाई कराई जाए।
  • ग्रामीण क्षेत्र के वार्डों में भी जलभराव की चिंता

    • ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक में विधायक साहब सिंह गुर्जर ने भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हबीबपुर, जारगा अकबरपुर, शंकरपुर सहित कई इलाकों में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर स्थिति बनती है। यदि इस बार भी ऐसी स्थिति बनी तो संबंधित इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
    • उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां नाला निर्माण लंबित है वहां तत्काल निर्माण शुरू कराया जाए। साथ ही जिन क्षेत्रों में मशीनों से सफाई की जरूरत है, वहां विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
    • गुर्जर ने कहा कि नगर निगम को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर दिखने वाले परिणामों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष तैयारी की जाए।

    महापौर की दो टूक, “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”

    • महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव या गंदे पानी की समस्या सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाए।
    • उन्होंने कहा कि शहर के सभी प्रमुख नालों, सीवर लाइनों और जल निकासी मार्गों की तलीझाड़ सफाई तुरंत पूरी की जाए। इसके लिए यदि अतिरिक्त संसाधनों या मशीनों की आवश्यकता है तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
    • महापौर ने बताया कि 17 मई को वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगी और जमीनी स्थिति का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद 15 दिन बाद फिर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यदि उस समय तक अधिकारियों द्वारा बताए गए कार्य पूरे नहीं किए गए तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
    • उन्होंने कहा कि शहरवासियों को बारिश के दौरान जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत दिलाना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    भाजपा के बहिष्कार के बावजूद पहुंचे पांच पार्षद

    • राजनीतिक माहौल उस समय और दिलचस्प हो गया जब भाजपा पार्षद दल के बहिष्कार के बावजूद पांच भाजपा पार्षद बैठक में शामिल होने पहुंच गए। भाजपा पार्षद दल पहले ही कांग्रेस का सदन के अंदर और बाहर बहिष्कार करने का निर्णय ले चुका था।
    • इसके बावजूद ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र की बैठक में देवेंद्र राठौर, महेंद्र आर्य, आशा सुरेंद्र चौहान और मीरा मानसिंह राजपूत मौजूद रहे। वहीं ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से पार्षद मनोज यादव बैठक में शामिल हुए।
    • सूत्रों के अनुसार बाद में भाजपा संगठन के पदाधिकारियों ने इन पार्षदों से संपर्क कर बैठक में शामिल होने के कारण पूछे। पार्षदों ने अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग कारण बताए। हालांकि राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा के अंदरूनी मतभेदों और स्थानीय मुद्दों पर बढ़ते दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

    मानसून से पहले नगर निगम पर बढ़ा दबाव

    • ग्वालियर में हर वर्ष मानसून के दौरान जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी की समस्या बड़े मुद्दे के रूप में सामने आती रही है। कई क्षेत्रों में सड़कें तालाब में बदल जाती हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार मानसून से पहले नगर निगम पर समस्याओं के स्थायी समाधान का दबाव बढ़ गया है।
    • नगर निगम प्रशासन दावा कर रहा है कि इस बार व्यापक स्तर पर नाला सफाई, सीवर लाइन सुधार और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा। हालांकि अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैठकों में दिए गए निर्देश जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और शहरवासियों को राहत मिल पाती है या नहीं।



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