इंदौर क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस गैंग द्वारा शहर के प्रमुख बिल्डरों को धमकाने और रंगदारी मांगने के मामले में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने उज्जैन जिले के महिदपुर से सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि सचिन ने ही इंदौर के बड़े बिजनेसमैन विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवार और कुंवर सिंह भूरिया के घर, दफ्तर और उनकी आवाजाही के रास्तों की रेकी की थी। आरोपी ने यह तमाम संवेदनशील जानकारियां गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई थीं ताकि वे बिल्डरों को निशाना बना सकें।

तीन दिनों की कड़ी पूछताछ में खुले राज, सिग्नल एप का उपयोग करते थे आरोपी

डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार, पूर्व में पकड़े गए आरोपी राजपाल से मिली लीड के आधार पर सचिन को सायबर सेल और मुखबिरों की मदद से ट्रेस किया गया। शुरुआत में आरोपी सचिन पुलिस को गुमराह करने और जानकारी छिपाने की कोशिश करता रहा, लेकिन तीन दिनों तक चली सघन पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि अवैध लाभ कमाने के लालच में उसने और उसके साथी कुलदीप ने रेकी की थी और यह डेटा सिग्नल एप के जरिए हैरी बॉक्सर तक पहुंचाया गया था।

अब तक तीन आरोपी पुलिस हिरासत में

इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए क्राइम ब्रांच की एसआईटी लगातार काम कर रही है। पुलिस अब तक इस मामले में सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा, राजपाल चंद्रावत और सोनू उर्फ रितेश खंगार को गिरफ्तार कर चुकी है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने बिल्डरों को कॉल और व्हाट्सएप के जरिए जान से मारने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की थी। पकड़े गए आरोपी सचिन का पुलिस रिमांड लिया गया है ताकि गैंग के अन्य संपर्कों और भविष्य की साजिशों का खुलासा किया जा सके।



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