ग्वालियर नेशनल लोक अदालत में 14,517 मामलों का निराकरण हुआ। करोड़ों रुपये के अवार्ड पारित हुए, जबकि मोटर दुर्घटना, कर वसूली और पारिवारिक मामलों में हजा …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 10 May 2026 10:30:31 AM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 10:30:31 AM (IST)

ग्वालियर में लोक अदालत में सुलझे 14 हजार से ज्यादा मामले, हाई कोर्ट से लेकर जिला अदालत तक मिली जल्द राहत
ग्वालियर में आयोजित नेशनल लोक अदालत। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. नेशनल लोक अदालत में 14 हजार से अधिक मामलों का निराकरण।
  2. हाई कोर्ट में मोटर क्लेम मामलों में करोड़ों मुआवजा मिला।
  3. जिला न्यायालय में 75 खंडपीठों ने मामलों का निपटारा किया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में आयोजित नेशनल लोक अदालत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपसी सहमति और संवाद के जरिए न्याय प्रक्रिया को न केवल सरल बनाया जा सकता है, बल्कि वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित समाधान भी संभव है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में कुल 14 हजार 517 मामलों का निराकरण किया गया। इस दौरान करोड़ों रुपये के अवार्ड पारित हुए और हजारों लोगों को राहत मिली।

लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, बीमा विवाद, पारिवारिक मामले, बिजली बिल, संपत्तिकर, जलकर और अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों का समाधान किया गया। कई मामलों में वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को राहत मिली, जबकि विभागों को भी लंबित वसूली और विवादों के निपटारे का अवसर मिला।

हाई कोर्ट में 254 मामलों का समाधान

  • मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया के मार्गदर्शन में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यहां चार विशेष खंडपीठों का गठन किया गया था।
  • इन खंडपीठों ने मोटर दुर्घटना क्लेम, बीमा और अन्य समझौता योग्य कुल 254 प्रकरणों का निराकरण किया। मोटर दुर्घटना क्लेम अपीलों में पीड़ित परिवारों को दो करोड़ 20 लाख 95 हजार रुपये अतिरिक्त क्षतिधन के रूप में दिए गए। अदालत में कई ऐसे मामले भी पहुंचे, जो लंबे समय से लंबित थे और जिनका समाधान आपसी सहमति से संभव हुआ।

जिला न्यायालय में 75 खंडपीठों ने किया काम

  • जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में आयोजित द्वितीय नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ललित किशोर ने किया।
  • ग्वालियर, डबरा और भितरवार क्षेत्र के लिए कुल 75 खंडपीठों का गठन किया गया था। इनमें ग्वालियर जिला न्यायालय की 59, कुटुंब न्यायालय की चार, श्रम न्यायालय की दो, उपभोक्ता न्यायालय की एक, डबरा सिविल न्यायालय की आठ और भितरवार सिविल न्यायालय की तीन खंडपीठ शामिल रहीं।
  • इन अदालतों में 991 न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनमें नौ करोड़ 87 लाख 93 हजार 932 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के 13 हजार 272 प्रकरणों का भी निपटारा हुआ।
  • संपत्तिकर और जलकर वसूली में निगम को बड़ी सफलता

    • लोक अदालत के दौरान नगर निगम ग्वालियर को भी बड़ी सफलता मिली। नगर निगम ने संपत्तिकर और जलकर के मामलों में छह करोड़ 83 लाख रुपये से अधिक की वसूली की। इसके साथ ही ग्वालियर नगर निगम प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा।
    • अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार ने बताया कि शहर के 66 वार्डों में संपत्तिकर के 3001 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनसे छह करोड़ छह लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई। वहीं जलकर के 3331 मामलों में 76 लाख रुपये से अधिक की वसूली हुई।

    सड़क हादसों के पीड़ित परिवारों को राहत

    • लोक अदालत में कई ऐसे मामले भी पहुंचे, जिनमें सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ित परिवार लंबे समय से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे थे।
    • एक मामले में कंपू क्षेत्र में पुलिस अधिकारी की कार से हुई दुर्घटना में रमेश पाल की मौत हो गई थी। वर्ष 2023 से चल रहे इस प्रकरण का समाधान लोक अदालत में हुआ और मृतक परिवार को साढ़े छह लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति बनी।
    • इसी तरह गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुए सड़क हादसे में जीप चालक की मौत के मामले में अदालत ने मृतक की पत्नी और बच्चों को पांच लाख 80 हजार रुपये अतिरिक्त क्षतिधन देने का आदेश दिया।

    सरल और त्वरित न्याय का बना माध्यम

    नेशनल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों को आपसी सहमति से जल्द निपटाना और लोगों को आसान न्याय उपलब्ध कराना है। ग्वालियर में आयोजित इस लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और वर्षों पुराने विवादों का समाधान हुआ।



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