नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे और आयुक्त संकेत भोंडवे ने शुक्रवार को शहर में विकास कार्यों के निरीक्षण के साथ ही नगर निगम ग्वालियर व मुरैना और अंचल के नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की। एसीएस ने निरीक्षण के दौरान सीवर समस्या को लेकर इंजीनियरों पर जमकर नाराजगी जाहिर की।

सफाई व्यवस्था पर गुस्सा जताया

जीवाजीगंज में निरीक्षण के दौरान कचरा देखकर सफाई व्यवस्था पर गुस्सा जताया, साथ ही सीवर समस्या पर इंजीनियरों को दो-टूक चेतावनी दी कि इस मानसून के सीजन में यदि ग्वालियर डूबा, तो ऊपर से लेकर नीचे तक किसी को नहीं बख्शूंगा। एसीएस की नाराजगी के बाद संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने कार्यपालन यंत्री पीएचई संजीव गुप्ता को निलंबित कर दिया।

…तो क्या सीवर ओवरफ्लो नहीं होगा

एसीएस और आयुक्त ने तानसेन नगर के पास एलिवेटेड रोड निर्माण के दौरान टूटे चैंबरों का जायजा लिया। फिर सभी अधिकारी आनंद नगर में मोहिते गार्डन के पास नाले का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। यहां पीएचई के कार्यपालन यंत्री संजीव गुप्ता व सहायक यंत्री कार्तिक पटेल ने बताया कि यहां नई सीवर लाइन 700 मिमी डाया की डालने की योजना है, जिसका मिलान 300 मिमी डाया की लाइन से किया जाएगा। इस पर एसीएस ने कहा कि वाह, इसे कहते हैं इंजीनियरिंग। अगर बड़ी लाइन का मिलान छोटी लाइन से करेंगे, तो क्या सीवर ओवरफ्लो नहीं होगा। इस पर इंजीनियर बगलें झांकते नजर आए। इसके बाद एसीएस ने चेतकपुरी रोड के पास नाले का निरीक्षण किया।

यहां एसीएस ने कुलदीप नर्सरी के बगल में मौजूद नाले और उसके आसपास काटी जा रही कालोनी का निरीक्षण किया। यहां नाले को डायवर्ट करने का काम देख उन्होंने नाराजगी जताई। अधिकारियों ने बताया कि इस जमीन पर कालोनी काटने की अनुमति दी गई है और कालोनाइजर ही ये काम करा रहे हैं। इस पर एसीएस ने इस पूरे इलाके में जारी की गईं अनुमतियों की फाइलें तलब कीं। बाद में बाल भवन में हुई बैठक के दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान ने जमीन के स्वामित्व के विवाद की जानकारी एसीएस को दी और बताया कि मौके पर काम रुकवा दिया गया है। एसीएस ने इस अनुमति को जारी करने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। वहीं मल्टी लेवल कार पार्किंग के निरीक्षण के दौरान एसीएस ने तलघर में भरे पानी को साफ कर पेयजल सप्लाई के रूप में उपयोग करने के निर्देश दिए।

बातचीत में स्वीकारा, शहर की हालत बहुत खराब

बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि ग्वालियर बहुत अच्छा शहर हुआ करता था। वर्तमान में जो स्थितियां हैं, वो सुखद नहीं हैं और बड़ी चुनौती सामने है। सीवर लाइन डैमेज होने के कारण भय है कि इस वर्षा में फिर से सड़कों पर पानी भरा हुआ नजर आए।

दो दिन में बनाएं सीवर लाइन मरम्मत का प्लान

निरीक्षण के बाद बाल भवन के एक्यूआइ कक्ष में आयोजित बैठक में एसीएस ने निर्देश दिए कि एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई सीवर लाइनों, मेनहोल और सीवर चैंबरों की मरम्मत वर्षा से पहले हर हाल में पूरी की जाए।

वर्षा के सीजन में सिर्फ डेढ़ माह का समय शेष है। ऐसे में शहरवासियों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए स्वर्ण रेखा में डाली गई मिट्टी तत्काल हटाई जाए। संबंधित अधिकारी दो दिन के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कार्य किस एजेंसी द्वारा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य पर होने वाला व्यय संबंधित ठेकेदार के भुगतान से समायोजित किया जाए।

सीवर व्यवस्था पर चर्चा के दौरान आरईपीएल कंपनी के प्रतिनिधि संतोषजनक कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर अपर मुख्य सचिव ने कंपनी की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए।

नहर की जमीन को खुर्द-बुर्द करने का नईदुनिया ने किया था राजफाश…

नईदुनिया ने गत 17 अप्रैल के अंक में ‘न्यायालय में जमीन को सरकारी बता रहे और खुद ही जारी कर रहे अनुमतियां’ तथा 19 अप्रैल के अंक में ‘रिकार्ड देखे बिना पंचनामा बनाकर एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर नहर की इस जमीन को खुर्द-बुर्द करने का राजफाश किया था। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जिला पंजीयक को पत्र लिखकर इस जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए कहा था। नईदुनिया ने 26 अप्रैल के अंक में ‘प्रशासन ने किया बटांकन, फिर टीएंडसीपी और नगर निगम ने जारी कर दीं अनुमतियां’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। अब एसीएस ने इन अनुमतियों पर सवाल खड़े किए हैं।



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