ग्वालियर में जौरासी और बेहट रोड, दो जगह ई-चेक गेट स्थापित किए जा चुके हैं, जहां से यह वाहन निकले थे। …और पढ़ें

HighLights
- प्रदेशभर में बनाए गए हैं 40 ई-चेक गेट
- ग्वालियर के जौरासी और बेहट रोड पर बने हैं दो गेट
- नंबर प्लेट के आधार पर हुआ ई-चालान
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। अवैध खनिज परिवहन को रोकने के लिए प्रदेशभर में बनाए गए ई-चेक गेट अब ग्वालियर में भी शुरू हो गए हैं। पहली बार ग्वालियर में गुरूवार को सात डंपरों पर दो ई-चेक गेट से क्रास होते ही रायल्टी न होने पर जुर्माने की कार्रवाई की गई।
दतिया के बाद ग्वालियर में नंबर प्लेट के आधार पर हुआ ई-चालान
अंचल में अभी दतिया में यह पहले शुरू हो गया था जिसके बाद अब ग्वालियर खनिज विभाग ने भी ई-चेक गेट से कार्रवाई शुरू कर दी। ग्वालियर में जौरासी और बेहट रोड, दो जगह ई-चेक गेट स्थापित किए जा चुके हैं, जहां से यह वाहन निकले थे।
सात गिट्टी लदे डंपरों पर रायल्टी न होने के कारण 42 लाख रूपये करीब जुर्माना आनलाइन किया गया है। यह जुर्माना डंपरों के नंबर प्लेट के आधार पर आटोमेटिक कैमरों से किया गया। अब बिना रायल्टी वाहन दौड़ाने वाले खनिज कारोबारियों में इससे हड़कंप भी है।
भोपाल में हुई थी सबसे पहले शुरुआत
बता दें, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यह ई-चेक गेट खनिज विभाग द्वारा लगाए गए हैं और भोपाल में इसकी शुरुआत प्रदेश में सबसे पहले हुई थी। यह इस तरह के ई-चेक गेटस हैं जो खनिज ले जा रहे वाहन को पूरी तरह स्कैन कर लेते हैं और चालक को पता भी नहीं चलता है।
वाहन में कितना माल है, कितना लोड है और यहां तक कि वाहन का नंबर भी आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर से पकड़ लिया जाता है। इन ई-चेक गेट के बारे में चालकों को पता भी नहीं चल पाता है कि वे ई-चेक गेट से गुजर चुके हैं। अवैध उत्खनन को रोकने के लिए यह काम खनिज विभाग कर रहा है जिसमें तकनीक काम रेलटेल को दिया गया और प्रदेश में कुल 40 ऐसे गेट स्थापित किए गए हैं।
इन डंपरों पर हुआ आनलाइन जुर्माना
- आरजे32 जीडी 9962- 451400 रूपये
- आरजे11जीबी2493-431000 रूपये
- आरजे11जीबी6022-451000 रूपये
- आरजे32जीडी9162- 451400 रूपये
- आरजे11जीसी7978- 429800 रूपये
जिला खनिज अधिकारी ने कहा…
ग्वालियर में जौरासी और बेहट रोड पर स्थापित किए गए ई-चेक गेट के माध्यम से पहली बार सात डंपरों पर जुर्माना किया गया है। इन वाहनों के पास खनिज रायल्टी नहीं थी, इनपर आनलाइन जुर्माना किया गया है। – घनश्याम सिंह यादव, जिला खनिज अधिकारी,ग्वालियर
