इंदौर नगर निगम द्वारा जल संरक्षण की दिशा में नई पहल की गई है। निगम के द्वारा शहर के तालाबों को जल बैंक के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी के चलते गुरुवार को पिपलिया पाला तालाब के गहरीकरण कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस कार्य की शुरुआत नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने की। शहर में लगातार गिरते भू-जल स्तर और बढ़ती जल जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक तालाब के गहरीकरण से उसकी जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी जिससे भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने में बड़ी सहायता मिलेगी। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में वाटर टेबल सुधारने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।
जल बैंक के रूप में विकसित होगा तालाब
शुभारंभ के अवसर पर कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने कहा कि शहर के तालाबों, जल स्रोतों और प्राकृतिक संरचनाओं का संरक्षण और संवर्धन वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिपलिया पाला तालाब के गहरीकरण से न केवल पानी की क्षमता बढ़ेगी बल्कि वहां एक हरित वातावरण भी विकसित किया जाएगा जो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा। निगम का लक्ष्य इस तालाब को शहर के एक प्रमुख जल बैंक के रूप में स्थापित करना है।
सामाजिक संस्थाओं के साथ जनता की भागीदारी बढ़ाएंगे
नगर निगम इस महत्वाकांक्षी अभियान को विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से संचालित कर रहा है। इस कार्य में भारतीय जैन संगठन इंदौर उमंग और जैन इंजीनियर्स सोसायटी ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई है। निगम कमिश्नर ने इस अवसर पर कहा कि जनभागीदारी से किए जाने वाले कार्य समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करते हैं और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान भारतीय जैन संगठन इंदौर उमंग के संतोष कुमार जैन और कार्यपालन यंत्री अश्विन जनवदे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। संगठन के पदाधिकारियों ने जल ही जीवन का संदेश देते हुए नागरिकों से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
सफाई व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया
तालाब के कार्य के साथ-साथ निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी बेहद सख्त नजर आए। गुरुवार सुबह उन्होंने शहर के विभिन्न रहवासी और व्यावसायिक क्षेत्रों का सघन दौरा किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त सबसे पहले जोन क्रमांक-3 के तिलक पथ स्थित मल्हार आश्रम के पास शासकीय 15 नंबर स्कूल के पीछे बने सीटीपीटी केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और नियमित संधारण कार्य सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को जारी किए।
बाजारों और अनुपयोगी संसाधनों पर विशेष ध्यान
भ्रमण के दौरान अमन कचहरी स्थित निगम पार्किंग स्थल पर खड़े पुराने और अनुपयोगी वाहनों के निपटान को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। निगमायुक्त ने सुभाष मार्ग स्थित भोई मोहल्ला मच्छी मार्केट क्षेत्र का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यापारिक और बाजार क्षेत्रों में प्रतिदिन नियमित कचरा संग्रहण और सफाई की जाए ताकि शहरवासियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्राप्त हो सके।
