इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार गंभीर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उनके विरुद्ध प्रधानमंत्री कार्यालय, नागरिक उड्डयन मंत्री, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया मुख्यालय और स्थानीय सांसद को शिकायतें भेजी गई हैं। इन शिकायतों में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। हाईकोर्ट एडवोकेट मनोज रायजादा द्वारा पीएमओ में की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने विभागीय जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। दूसरी ओर एयरपोर्ट डायरेक्टर की तरफ से जनसंपर्क अधिकारी रामस्वरूप यादव ने इन तमाम आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन करार दिया है। उन्होंने सूचित किया कि जांच दल अपनी कार्यवाही पूर्ण कर दिल्ली वापस लौट चुका है।
दिल्ली से आई उच्च स्तरीय जांच टीम
विवाद की गंभीरता को देखते हुए 4 मई, सोमवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एक उच्च स्तरीय टीम दिल्ली से इंदौर पहुंची। जीएम सिविल प्रभु सरकार के नेतृत्व में आई इस टीम ने दो दिनों तक एयरपोर्ट के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए। शिकायत पत्र में डायरेक्टर के आचरण को लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। आरोप है कि एक बैठक के दौरान मग्गीरवार ने सूट पहनकर आए ऑपरेशनल अधिकारियों का सार्वजनिक अपमान किया और उनके पहनावे को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की। शिकायत में उनके रवैये को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए कहा गया है कि वे कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हैं और बार-बार स्थानांतरण की धमकी देते हैं जिससे कार्यस्थल का वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है।
वित्तीय गड़बड़ी और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल
शिकायत के एक मुख्य हिस्से में वित्तीय भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि सरकारी गेस्ट हाउस की सुविधा का उपयोग करने के बावजूद डायरेक्टर द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से मकान किराया भत्ता प्राप्त किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को क्षति पहुंची है। इसके अतिरिक्त सिविल विभाग के अधिकारियों के साथ साठगांठ कर अनावश्यक निर्माण कार्यों को स्वीकृति देने और निविदा प्रक्रियाओं में अपनी पसंदीदा कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप भी उन पर मढ़े गए हैं।
सांसद तक जानकारियां पहुंचाने का शक
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि एक बीमार अधिकारी को केवल इस संदेह के आधार पर सेवामुक्त कर दिया गया क्योंकि डायरेक्टर को उनके स्थानीय सांसद शंकर लालवानी के करीबी होने का शक था। मग्गीरवार को अंदेशा था कि उक्त अधिकारी एयरपोर्ट की आंतरिक जानकारियां सांसद तक साझा करता है। इसके साथ ही उन पर सीआईएसएफ से कथित तौर पर निजी सुरक्षा गार्ड प्राप्त करने और उसके बदले में नियमों को ताक पर रखकर अनुचित मांगें पूरी करने के दावे भी किए गए हैं।
मुंबई से इंदौर आए हैं मग्गीवार
सुनील मग्गीरवार लगभग सात माह पूर्व मुंबई एयरपोर्ट से स्थानांतरित होकर इंदौर आए थे। इंदौर में पदभार ग्रहण करने से पहले वे मुंबई एयरपोर्ट की संचार शाखा में जॉइंट जीएम के पद पर कार्यरत थे। उनके पास हवाई अड्डा प्रबंधन का लंबा अनुभव है और वे पूर्व में शिमला एवं जलगांव जैसे महत्वपूर्ण हवाई अड्डों पर डायरेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में दिल्ली से आई टीम की जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
