ग्वालियर जीआरएमसी में छात्रा पर टिप्पणी के विरोध में छात्र पर हमला हुआ। लोहे की रॉड से घायल छात्र का इलाज हुआ। पांच आरोपी छात्रों को निलंबित किया गया। …और पढ़ें

HighLights
- छात्रा पर अभद्र टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
- कॉलेज में विरोध करने पर लोहे की रॉड से हमला
- घायल छात्र को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज में अनुशासन की धज्जियां उड़ाते हुए एमबीबीएस के छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई। एक छात्रा पर की गई अभद्र टिप्पणी का विरोध करना एक छात्र को इतना भारी पड़ गया कि सहपाठियों ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। डीन ने इस मामले में पांच छात्रों को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एमबीबीएस 2025 बैच की एक छात्रा पर की गई अभद्र टिप्पणी से हुई। आरोप है कि इसी बैच के छात्र सोनू शर्मा, ध्रुव रोकड़े, सब्रांत, वेदांत असाती और तरुण कुमार सोनवाल ने छात्रा पर टिप्पणी की थी। सहपाठी छात्र श्रेयांश गुप्ता ने बीच-बचाव करते हुए इसका विरोध किया, तो छात्र आक्रोशित हो गए।
विवाद क्लास के भीतर शांत नहीं हुआ। जैसे ही क्लास खत्म हुई, पांचों छात्रों ने कॉलेज परिसर के बाहर श्रेयांश को घेर लिया। गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हुई। इसी दौरान सोनू शर्मा ने श्रेयांश के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में श्रेयांश का सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। साथी छात्र अर्पित श्रीवास्तव और अन्य उसे तत्काल ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज किया गया।
घटना की शिकायत मिलते ही जीआरएमसी डीन डा. आरकेएस. धाकड़ ने अनुशासनहीनता और परिसर की गरिमा भंग करने के आरोप में सोनू शर्मा, ध्रुव रोकड़े, सब्रांत, वेदांत असाती और तरुण कुमार सोनवाल को आगामी आदेश तक समस्त शैक्षणिक गतिविधियों से निलंबित कर दिया है। भावी डॉक्टरों के बीच इस तरह की झड़प और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार ने कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सात माह पहले झगड़े थे सीनियर व जूनियर डाक्टर
- सात माह पहले आठ नए छात्रों को अपने हॉस्टल में ले जाने के लिए दो सीनियर गुट आपस में भिड़ गए। इन छात्रों में जमकर मारपीट हुई। जब जीआरएमसी प्रबंधन को पता लगा तो दोनों पक्ष सॉरी बोलकर मामले को शांत कर आए, लेकिन देर रात फिर झगड़े और डीन, वार्डन, असिस्टेंट वार्डन को सूचना दिए बिना कंपू थाना में एक-दूसरे के खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया।
- मामला बढ़ता देखकर जीआरएमसी डीन डा. धाकड़ ने सभी 26 सीनियर को हॉस्टल से निलंबन के आदेश जारी किए। इस विवाद में शामिल 34 छात्रों को अपने अभिभावकों को बुलाना पड़ा था। छात्रों की निलंबन की कार्रवाई करने के लिए अनुशासन समिति को निर्देश दिए गए थे, लेकिन बाद में माफीनामा के बाद मामला ठंडा पड़ गया था।
महाविद्यालय में अनुशासनहीनता नहीं करेंगे बर्दाश्त
महाविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना की शिकायत मिलते ही संबंधित छात्रों को समस्त शैक्षणिक गतिविधियों से निलंबित कर दिया है। मामले की आगे की जांच की जा रही है। डॉ. मनीष चतुर्वेदी, प्रवक्ता, जेएएच, जीआरएमसी।
