ग्वालियर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास में देरी पर सिंधिया ने नई समयसीमा तय की। जुलाई तक मुख्य कार्य और अक्टूबर-नवंबर तक पूरा प्रोजेक्ट खत्म करने के निर्देश …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 29 Apr 2026 01:15:08 PM (IST)Updated Date: Wed, 29 Apr 2026 01:15:08 PM (IST)

रेलवे स्टेशन पुनर्विकास की फिर नई 'तारीख' दे गए सिंधिया, अब जुलाई तक होगा कानकोर्स और छत का काम
रेलवे स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर एक बार फिर नई समयसीमा तय की गई है। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. सिंधिया ने स्टेशन पुनर्विकास कार्य की नई समयसीमा घोषित की
  2. जुलाई 2026 तक कानकोर्स और छत का काम पूरा पूरा प्रोजेक्ट
  3. अक्टूबर-नवंबर तक खत्म करने के निर्देश दिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के बहुप्रतीक्षित रेलवे स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर एक बार फिर नई समयसीमा तय की गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्टेशन के प्रमुख हिस्सों का काम जुलाई 2026 तक पूरा कर लिया जाए, जबकि संपूर्ण प्रोजेक्ट को अक्टूबर-नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले भी सितंबर 2025 में निरीक्षण के दौरान अलग समयसीमा तय की गई थी, लेकिन काम में देरी के चलते अब नई डेडलाइन दी गई है।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि स्टेशन के 210 फीट चौड़े कानकोर्स और बादलनुमा छत का कार्य जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पहले कानकोर्स का काम पूरा किया जाएगा, जिसके बाद छत का कार्य शुरू होगा। इस पर सिंधिया ने दोनों कार्यों को समानांतर गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

545 करोड़ की लागत से हो रहा पुनर्विकास

रेलवे स्टेशन का यह पुनर्विकास कार्य करीब 545 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान रिजर्व लाउंज में प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान और ले-आउट प्रस्तुत किया गया। हालांकि, प्रेजेंटेशन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे पहले की जानकारी दोहराने के बजाय वर्तमान प्रगति और आगे की रणनीति पर फोकस करें।

स्थानीय कारीगरों को मिलेगा काम

सिंधिया ने निर्माण कार्य में स्थानीय कारीगरों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फर्श पर ग्वालियर स्टोन बिछाने में स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें रोजगार मिले। साथ ही, यदि तकनीकी रूप से संभव हो तो कारीगरों को अपने कार्यस्थल पर नाम अंकित करने की अनुमति भी दी जाए, जिससे उनकी कला को पहचान मिल सके।

हेरिटेज बिल्डिंग में झरोखे पुनर्स्थापित करने की योजना

सिंधिया ने सर्कुलेटिंग एरिया में स्थित पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सुझाव दिया कि भवन में पहले मौजूद झरोखों को पुनः विकसित करने की संभावना तलाश की जाए। इसके लिए स्थानीय विशेषज्ञों की मदद लेने की बात भी कही गई, ताकि ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित किया जा सके।

वेस्टर्न बायपास परियोजना का भी लिया जायजा

रेलवे स्टेशन के निरीक्षण से पहले केंद्रीय मंत्री ने निरावली से पनिहार तक बन रहे करीब 28.5 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न बायपास का भी निरीक्षण किया। लगभग 1346 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस बायपास से ग्वालियर और मुरैना के बीच यातायात सुगम होगा और शिवपुरी जाने वाले मार्ग पर अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

चंबल पेयजल परियोजना पर भी जोर

इस दौरान सांसद भारत सिंह कुशवाह ने नगर निगम अधिकारियों के साथ चंबल पेयजल परियोजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तय समयसीमा में परियोजना को पूरा किया जाए, ताकि शहर को जल्द से जल्द चंबल का पानी उपलब्ध कराया जा सके।

देरी पर नाराजगी, समय पर पूरा करने का दबाव

  • निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं।
  • इस प्रकार, ग्वालियर में रेलवे स्टेशन, बायपास और पेयजल जैसी प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर दबाव बढ़ा दिया गया है, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिल सके।


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