मेघालय की राजधानी शिलांग की एक अदालत ने चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी है। कई महीनों से जेल में बंद सोनम को चौथी जमानत याचिका पर राहत मिली, जबकि इससे पहले उसकी तीन जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं। इस फैसले से पीड़ित परिवार को गहरा झटका लगा है।
कई महीनों से जेल में बंद थी सोनम
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुंवंशी की हत्या से जुड़े इस मामले में अदालत ने मंगलवार को सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका मंजूर कर ली। इस खबर की पुष्टि मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने की। सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है और वह इस केस की मुख्य आरोपी मानी जाती है। लंबे समय से वह शिलांग की जेल में बंद थी और लगातार जमानत के लिए प्रयास कर रही थी।
अन्य आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है जमानत
इस मामले में अन्य आरोपियों लोकेंद्र सिंह तोमर, बलबीर अहिरवार और शिलॉम जेम्स को पहले ही जमानत मिल चुकी है। हालांकि कथित सहयोगी राज रघुवंशी अब भी न्यायिक हिरासत में है। परिवार के मुताबिक, अदालत का यह फैसला उनके लिए बड़ा झटका है और न्याय की उनकी लड़ाई को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि वे आगे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।
अदालत ने रखीं ये शर्तें
आरोपी सोनम रघुवंशी को इन शर्तों पर ज़मानत पर रिहा किया गया है कि वह न तो फरार होंगी और न ही सबूतों या गवाहों के साथ छेड़छाड़ करेंगी; वह हर तय तारीख़ पर अदालत में हाजिर होंगी; वह उचित अनुमति के बिना इस अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगी और वह इस अदालत की संतुष्टि के अनुसार, 50,000 रुपये का निजी मुचलका और उतनी ही राशि के दो जमानती पेश करेगी।
क्या है मामला
यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की कथित हत्या से जुड़ा है, जिसमें उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इस हत्याकांड ने अपने सामने आने के बाद व्यापक सुर्खियां बटोरी थीं और जांच के दौरान कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए थे। शिलांग कोर्ट से सोनम रघुवंशी को मिली जमानत इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में एक अहम मोड़ मानी जा रही है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई और ट्रायल पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां अंतिम सच्चाई सामने आएगी।
