मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा करते हुए प्रदेश में कृषि आधारित आय बढ़ाने और उद्यानिकी क्षेत्र के व्यापक विस्तार पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश मसाला फसलों के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है, जबकि पुष्प और सब्जी उत्पादन में तीसरे तथा फल उत्पादन में चौथे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यानिकी फसलें कम भूमि में अधिक आय देने का प्रभावी माध्यम हैं, इसलिए अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खाद के उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही उद्यानिकी उत्पादों की ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी आपूर्ति के लिए मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने पर भी जोर दिया।

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19 एकड़ भूमि चिन्हित, केंद्र को भेजा प्रस्ताव 

बैठक में जानकारी दी गई कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए 19 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है और केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। यह केंद्र प्रदेश में फूलों की खेती को नई दिशा देगा। कृषि आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में मसाला उत्पादन 57.72 लाख मीट्रिक टन, पुष्प उत्पादन 4.88 लाख मीट्रिक टन, सब्जी उत्पादन 259.52 लाख मीट्रिक टन और फल उत्पादन 102.44 लाख मीट्रिक टन है। मुख्यमंत्री ने मखाना उत्पादन को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। प्रदेश के 14 जिलों में मखाना खेती का रकबा बढ़ाकर 85 हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। 

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जून में आम महोत्सव, जुलाई में मिर्च महोत्सव 

इसके साथ ही उद्यानिकी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वर्षभर विभिन्न महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। जून में भोपाल में आम महोत्सव, जुलाई में खरगोन में मिर्च महोत्सव, सितंबर में बुरहानपुर में केला महोत्सव, अक्टूबर में इंदौर में सब्जी महोत्सव और नवंबर में ग्वालियर में अमरूद महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 

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प्रदेश की 40 नर्सरियों को हाईटेक बनेगी 

मुख्यमंत्री ने नर्सरियों के आधुनिकीकरण करने की भी बात कही। प्रदेश की 40 नर्सरियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। साथ ही सूक्ष्म सिंचाई, स्मार्ट बीज फार्म और उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल, फूल, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को विकसित कर किसानों को बेहतर मूल्य और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 



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