पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच चल रही लड़ाई एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पटवारी ने उज्जैन में वीर भारत न्यास को जमीन आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस पर दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपों को बेबुनियाद बता दिया। इस बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ने ही जीतू पटवारी के आरोपों की पोल खोल दी। उज्जैन स्थित वीर भारत न्यास को सरकारी जमीन आवंटित किए जाने के मामले में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि यह कोई निजी ट्रस्ट नहीं, बल्कि सरकारी न्यास है। ऐसे में कांग्रेस के आरोप अपने आप गलत साबित हो गए हैं। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थाओं का अंतर अच्छी तरह पता है। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी बिना तथ्यों की जांच किए आरोप लगाते हैं। उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक आरोप लगाना है, जबकि सच्चाई कुछ और होती है।
