मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे। इस दौरान रेसीडेंसी कोठी में उनकी मुलाकात भाजपा विधायक उषा ठाकुर से हुई। मुलाकात के दौरान भोजशाला मामले को लेकर दोनों नेताओं के बीच हल्की लेकिन दिलचस्प नोकझोंक देखने को मिली। बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने खुद को “घोर सनातन धर्म मानने वाला” बताया।
“मैं घोर सनातनी हूं”
मुलाकात के दौरान उषा ठाकुर ने भोजशाला मामले में आए फैसले को लेकर टिप्पणी की। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह घोर सनातन धर्म को मानने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की है और एकादशी का व्रत भी रखते हैं। इस पर उषा ठाकुर ने कहा कि यदि वह पक्के सनातनी हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार करना चाहिए और भोजशाला पर आए फैसले का सम्मान भी करना चाहिए। जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा, “तुम्हें कैसे मान लिया कि मैंने फैसले का विरोध किया है?”
भोजशाला के मसले पर क्या बोले दिग्विजय सिंह?
भोजशाला मामले पर उन्होंने कहा कि इंदौर हाईकोर्ट के फैसले का अध्ययन किया जाएगा। आगे की कार्रवाई कानून और संविधान के दायरे में रहकर की जाएगी। उन्होंने कहा कि भोजशाला एक एएसआई संरक्षित स्थल है। भोजशाला मामले के संबंध में थोड़ा अध्ययन आवश्यक है। इसके कुछ कारण हैं। पहला कारण यह है कि भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अंतर्गत एक संरक्षित स्मारक है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियमों के अनुसार, मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा या गिरजाघर में पूजा-अर्चना की कोई कानूनी अनुमति नहीं है।
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पहले की रिपोर्ट में मंदिर नहीं थी भोजशाला
उन्होंने कहा कि यह स्थल भोजशाला है या मस्जिद। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस स्थल का सर्वेक्षण किया था। उस समय उमा भारती मुख्यमंत्री थीं और सुमित्रा महाजन के पति सरकारी वकील के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि उन्हें उस स्थान पर मंदिर का कोई प्रमाण नहीं मिला है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट सरकारी वकील ने प्रस्तुत की थी।उन्होंने कहा था कि उन्हें वहां मंदिर का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि दूसरा मुद्दा यह है कि बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद, नरसिम्हा राव ने एक कानून बनाया जिसमें कहा गया कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को छोड़कर, स्वतंत्रता की तिथि के बाद देश में किसी भी अन्य मंदिर या मस्जिद में कोई परिवर्तन या रूपांतरण नहीं किया जा सकता; ऐसा करना कानूनी रूप से दंडनीय अपराध होगा। भाजपा के पास हिंदू-मुस्लिम विभाजन के अलावा कोई अन्य एजेंडा या मुद्दा नहीं है जिस पर वह ध्यान केंद्रित कर सके। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इंदौर में पूर्व विधायक अश्विन जोशी के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य नेताओं से भी मुलाकात की।
भाजपा और संघ के साथ मिलकर कर रहे ओवैसी काम
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि ओवैसी भाजपा और संघ के साथ मिलकर काम करते हैं। एआईएमआईएम ने उनके खिलाफ चार झूठे मामले दर्ज किए थे। एआईएमआईएम और आरएसएस दोनों उनके खिलाफ इसलिए मामले दर्ज कराते हैं क्योंकि वे हिंदू और मुस्लिम कट्टरपंथियों के खिलाफ खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों मिलकर देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। आखिर देश के विभाजन के लिए कौन जिम्मेदार था? मोहम्मद अली जिन्ना और सावरकर। यह एक ऐतिहासिक सत्य है।
