राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मंगलवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने राजधानी भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पुतला दहन किया गया और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई।
पुतला दहन कर जताया विरोध
एनएसयूआई कार्यकर्ता बड़ी संख्या में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पुतला फूंका और नामांकन खारिज किए जाने के फैसले को लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह निर्णय लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं है।
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निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। उनका कहना था कि संवैधानिक संस्थाओं को किसी भी राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहकर कार्य करना चाहिए। एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के दबाव और इशारों पर काम कर रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होना इसी का परिणाम है। हालांकि आयोग की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सोनी ने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के साथ भेदभाव की आशंका पैदा होती है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे को लेकर लगातार संघर्ष करेगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। एनएसयूआई का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठन सड़क से लेकर हर मंच तक अपनी आवाज बुलंद करेगा।
