महिला आरक्षण को लेकर देशभर में सियासी घमासान छिड़ गया है और इसका असर मध्य प्रदेश में भी साफ नजर आ रहा है। राजधानी भोपाल में एक दिन पहले भाजपा ने बड़ा आयोजन कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था, वहीं अब कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देश के करीब 29 शहरों में एक साथ आयोजित प्रेस वार्ताओं के तहत भोपाल में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. रागिनी नायक ने मोर्चा संभाला।
कानून बना, लेकिन लागू नहीं
डॉ. नायक ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से पारित हो चुका है और आज भी प्रभावी है, लेकिन सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है। उन्होंने देर रात अधिसूचना जारी करने को सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करने वाला बताया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर इसे टालने और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। सोनिया गांधी के विचारों का हवाला देते हुए कहा गया कि सीटों का बंटवारा संतुलित और निष्पक्ष होना चाहिए।
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543 सीटों पर तुरंत लागू हो आरक्षण
कांग्रेस ने मांग रखी कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों पर ही 33% महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए और इसमें दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी उचित हिस्सेदारी मिले। नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा गया कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सरकार की नीयत साफ नहीं है और इस विषय का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है।
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महिला प्रतिनिधित्व और सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस ने भाजपा पर महिला प्रतिनिधित्व कम होने का आरोप लगाया और कहा कि महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है। साथ ही, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए। नायक ने कहा कि आने वाले संसद सत्र में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
