नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) को भोपाल शिफ्ट करने के बाद अब यह मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) के पुनर्गठन को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार सहित सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
अधिकारों की खींचतान को भी उजागर
इसमें प्रमुख सचिव परिवहन विभाग,एडीशनल चीफ सेक्रेटरी सहित भोपाल के अन्य अधिकारी और ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर व अन्य अधिकारी शामिल हैं। इस मामले ने प्रशासनिक ढांचे के साथ-साथ ग्वालियर और भोपाल के बीच अधिकारों की खींचतान को भी उजागर कर दिया है।
याचिका में पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी ने बताया कि यह याचिका बस आपरेटर हरिशंकर सिंह पटेल और देवेंद्र मोहन शर्मा द्वारा दायर की गई है, जिसमें 9 फरवरी 2026 को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसके तहत स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी का पुनर्गठन किया गया।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह कदम मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 68 के खिलाफ है। प्रारंभिक सुनवाई में कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य के प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग, परिवहन आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे साफ है कि अदालत इस मामले की गहराई से जांच करना चाहती है।
ग्वालियर से मुख्यालय हटाने का आरोप
याचिकाकर्ताओं ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया है कि एसटीए का मुख्यालय वर्षों से ग्वालियर में रहा है, जहां परिवहन आयुक्त और अपीलीय प्राधिकरण भी बैठते हैं। आरोप है कि नए बदलाव के जरिए इसे भोपाल शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेशभर के परिवहन व्यवसायियों, वकीलों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
यह है विवाद
याचिका में कहा गया है कि एसटीए एक अर्ध-न्यायिक संस्था है, जो बस परमिट, रूट आवंटन और नवीनीकरण जैसे महत्वपूर्ण फैसले लेती है। कानून के अनुसार इसमें केवल चेयरमैन और सीमित सदस्य ही होने चाहिए, लेकिन सरकार ने नए नोटिफिकेशन में सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी को भी शामिल कर दिया है। यही नहीं, जिस अधिकारी को शामिल किया गया है, वह परिवहन निगम से भी जुड़ा है, जिससे हितों के टकराव की स्थिति बनती है।
स्टाफ का भी कर दिया गया ट्रांसफर: राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) को अब भोपाल शिफ्ट कर दिया गया है। इस पूरी व्यवस्था के साथ स्टाफ की भी बदली हो गई है। अब अंतरराज्यीय बसों के परमिटों का पूरा काम भोपाल से ही होगा। उप सचिव परिवहन ने परिवहन मुख्यालय में पदस्थ एसटीए का काम देख रहे अविनाथ बाथम सहायक वर्ग तीन व किशन शर्मा सहायक वर्ग तीन को परिवहन मंत्रालय में काम करने के आदेश जारी किए।
यहां सहयोगी के रूप में निजी कर्मचारी बंटी बाथम, हरी थापा व कपिल केवट एसटीए का काम देखते थे। यहां पदस्थ रहे मनीष सलूजा का पहले भोपाल तबादला हो चुका है।
