यह आदेश आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने देते हुए अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और आवश्यक सुविधाओं के अभाव को गंभीर माना। …और पढ़ें

HighLights
- जांच में खुली अस्पताल की पोल
- 45 दिनों के भीतर भुगतान का आदेश
- एक अक्टूबर 2023 को ऑपरेशन से बच्चे का हुआ था जन्म हुआ
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने प्रसूता महिला की मौत के मामले में न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने देते हुए अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और आवश्यक सुविधाओं के अभाव को गंभीर माना।
बच्चे के जन्म के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी
मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में उदयभान शर्मा द्वारा दायर परिवाद से जुड़ा है। परिवादी ने शिकायत में बताया था कि उनकी पत्नी को 30 सितंबर 2023 को डिलीवरी के लिए न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। एक अक्टूबर को ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई।
आरोप था कि अस्पताल में उचित उपचार, आक्सीजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। बाद में महिला को कमलाराजा अस्पताल रेफर किया गया, जहां तीन अक्टूबर 2023 को उसकी मौत हो गई। सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि आपरेशन सफल रहा था और मरीज की हालत सामान्य थी। अस्पताल ने दावा किया कि स्वजन द्वारा डाक्टर की सलाह के विपरीत खानपान कराने से स्थिति बिगड़ी।
हालांकि आयोग ने शासन की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर माना कि अस्पताल में स्थायी स्त्री रोग विशेषज्ञ, वेंटिलेटर, सेंट्रल आक्सीजन सप्लाई जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं थीं। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मरीज को समय पर आक्सीजन नहीं दी गई और पोस्ट आपरेटिव देखभाल में भी कमी रही। आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने अस्पताल को 45 दिन के भीतर तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति, 10 हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना और दो हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
