ई-विवेचना प्रणाली के माध्यम से विवेचना संबंधी समस्त कार्य डिजिटल प्लेटफार्म पर समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपादित किए जा सकेंगे।

HighLights
- अपराधों की जांच में अब नहीं होगी देरी
- 650 विवेचकों को आईजी व एसएसपी ने टैबलेट बांटे
- ई-विवेचना ऐप से रियल-टाइम में अपडेट होगी केस डायरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में ग्वालियर पुलिस द्वारा एक कदम बढ़ाया गया है, जिससे ई-विवेचना को बढ़ावा मिलेगा। इस क्रम में 650 विवेचकों को पुलिस कंट्रोल रूम में आईजी अरविंद सक्सेना और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने टैबलेट बांटे। इस दौरान एएसपी सुजावल जग्गा, एएसपी जयराज कुबेर और डा. शिवेष सिंह बघेल उपस्थित रहे।
तकनीक का उपयोग जरूरी
इस दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों से आइजी अरविंद सक्सैना ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की विवेचना में आधुनिक तकनीक का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है। ई-विवेचना प्रणाली के माध्यम से विवेचना संबंधी समस्त कार्य डिजिटल प्लेटफार्म पर समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपादित किए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि टैबलेट के माध्यम से घटनास्थल पर ही आवश्यक जानकारी दर्ज करना, दस्तावेज अपलोड करना, डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, केस डायरी तैयार करना तथा विवेचना की प्रगति का आनलाइन अपडेशन करना सरल होगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विवेचना अधिकारी द्वारा नियमित रूप से टैबलेट का उपयोग सुनिश्चित कराया जाए, ताकि सभी अधिकारी तकनीक में दक्ष हो सकें।
नियमित करें समीक्षा
उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त सीएसपी एवं एसडीओपी अपने-अपने अधीनस्थ थानों में ई-विवेचना की नियमित समीक्षा करें। इस दौरान एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि बदलते समय के अनुरूप तकनीक आधारित पुलिसिंग को अपनाना जरूरी है। ई-विवेचना टैबलेट पुलिसिंग को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रत्येक विवेचना अधिकारी को घटनास्थल से ही आवश्यक जानकारी, साक्ष्य एवं दस्तावेज डिजिटल माध्यम से तत्काल अपलोड करें, जिससे विवेचना में अनावश्यक विलंब समाप्त होगा।
विवेचना अधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
सीटीएनएस शाखा के अधिकारियों द्वारा ई-विवेचना टैबलेट के संचालन, ई-विवेचना एप्लीकेशन के उपयोग, डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन, आनलाइन प्रविष्टियों से संबंधित जानकारी दी गई। अब उन्हें नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- डिजिटल केस डायरी: विवेचना अधिकारी घटनास्थल से ही केस डायरी तैयार कर आनलाइन प्रविष्टि कर सकेंगे।
- डिजिटल साक्ष्य संकलन: घटनास्थल के फोटो, वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को मौके पर ही सुरक्षित रूप से अपलोड किया जा सकेगा।
- रियल-टाइम अपडेट: ई-विवेचना एप, आनलाइन पोर्टल के जरिए जांच से संबंधित समस्त जानकारी सीधे सर्वर पर रियल-टाइम में अपडेट होगी।
