ग्वालियर के सिरोल क्षेत्र में मंदिर सेवेदार पर हमले का खुलासा हुआ। चेला विपिन गुर्जर चोरी की नीयत से आया, पकड़े जाने पर हमला किया, पुलिस ने गिरफ्तार क …और पढ़ें

HighLights
- मंदिर सेवेदार पर हमला करने वाला आरोपी चेला निकला।
- चोरी की नीयत से आया, पकड़े जाने पर चाकू मारा।
- आरोपी ने पहले ही मंदिर के कैमरे बंद कर दिए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर जिले के सिरोल थाना क्षेत्र स्थित डोंगरपुर गांव के बाग वाले हनुमान मंदिर में सेवेदार पर हुए हमले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में हमलावर मंदिर से जुड़ा उसका चेला विपिन गुर्जर उर्फ रामप्रिय दास निकला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना का खुलासा मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुआ।
पुलिस के अनुसार, विपिन गुर्जर मंदिर में चोरी करने की नीयत से आया था। इसी दौरान सेवेदार जोगेंद्र दास गुर्जर की नींद खुल गई। अचानक जागने पर सेवेदार ने उसे देख लिया, तो पकड़े जाने के डर से विपिन ने चाकू से उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया। हालांकि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने पूरे मामले का राज खोल दिया और पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।
मुख्य पुजारी के साथ करता था मंदिर की सेवा
जांच के दौरान सामने आया कि विपिन गुर्जर पहले से ही मंदिर में रह रहा था। उसने साधु का भेष धारण कर अपना नाम रामप्रिय दास रख लिया था। ईडीएम द्वारा नियुक्त पुजारी चंद्रशेखर शर्मा को हटाए जाने के बाद जोगेंद्र दास गुर्जर को मंदिर का मुख्य पुजारी बनाया था। इसी दौरान विपिन भी उनके साथ रहने लगा था। मंदिर की गतिविधियों से भली-भांति परिचित था।
मंदिर के कैमरे कर दिए थे बंद
- पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे जानकारी थी कि जोगेंद्र दास गुर्जर के पास गाय बेचने के करीब 50 हजार रुपये रखे हुए हैं। इन्हीं पैसों की लालच में वह 15 अप्रैल की रात मंदिर में चोरी करने पहुंचा था। उसने चोरी को अंजाम देने से पहले मंदिर के अंदर लगे कैमरों को भी बंद कर दिया था, लेकिन कुछ फुटेज रिकॉर्ड हो गई, जिससे उसकी पहचान हो गई।
