ग्वालियर पॉक्सो कोर्ट ने छह साल पुराने गैंगरेप मामले में पीड़िता के बयान से मुकरने, साक्ष्य के अभाव और उम्र प्रमाण न होने पर आरोपी पवन बघेल को बरी किय …और पढ़ें

HighLights
- छह साल पुराने गैंगरेप मामले में आरोपी कोर्ट से बरी।
- पीड़िता ने अदालत में अपने पुराने आरोपों से साफ इनकार।
- मां और चाचा ने भी आरोपों का समर्थन नहीं किया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर की पॉक्सो कोर्ट में करीब छह साल पुराने गैंगरेप मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। अदालत ने पीड़िता के बयान से मुकर जाने और पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में मुख्य आरोपी पवन बघेल को सभी आरोपों से बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश वंदना राज पाण्डेय की अदालत ने 17 अप्रैल को यह फैसला सुनाया।
यह मामला 25 मार्च 2020 का बताया गया था। उस समय डबरा थाना क्षेत्र में पीड़िता के चाचा और उसकी मां ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पवन बघेल उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और अन्य लोगों के साथ मिलकर दुष्कर्म किया।
पुलिस ने इस मामले में पवन बघेल के अलावा सोनू सलमान और प्रदीप परिहार को भी आरोपी बनाया था। इन तीनों आरोपियों को पहले ही 7 जुलाई 2023 को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया जा चुका था, जबकि पवन बघेल फरार रहने के कारण उसका फैसला लंबित था।
पीड़िता ने अदालत में बदला बयान
- सुनवाई के दौरान सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब खुद पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ था। उसने यह भी कहा कि वह नाराज होकर खुद घर से चली गई थी। इतना ही नहीं, पीड़िता की मां और चाचा ने भी अदालत में पहले लगाए गए आरोपों का समर्थन नहीं किया।
