नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में 15 लाख रुपये के सोने के गहने लूटने की खबर ने पुलिस को हिलाकर रख दिया। बहोड़ापुर इलाके में पैदल जा रही महिला ने अपने साथ हुई लूट की खबर पुलिस को दी। पुलिस ने भी तुरंत नाकाबंदी कराई और दो टीमें सीसीटीवी कैमरे खंगालने में लग गईं।

कैसे हुआ खुलासा

सीसीटीवी कैमरे से स्कूटी सवार लुटेरे पुरानी छावनी में स्टोन पार्क की तरफ जाते दिखे। पीछा करते हुए एक टीम यहां तक पहुंच गई, तब सामने आया कि स्कूटी चलाने वाला तो फरियादी का ही भाई है। यहां से सुराग मिला और पुलिस ने महिला के नाबालिग भाई व उसके दोस्त को पकड़ा।

महिला को सामने बैठाकर पूछताछ की तो लूट की फर्जी कहानी खुल गई। महिला ने ही अपने नाबालिग भाई से गहनों से भरा बैग छीनने के लिए कहा था। महिला गोल्ड लोन देने वाली कंपनी का पैसा और गहने हड़पना चाहती थी, इसलिए उसने लूट का षड्यंत्र रचा।

कर्ज लेने की कहानी भी चौंकाने वाली

गहने गिरवी रखकर कर्ज लेने की कहानी भी चौंकाने वाली है। महिला ऑनलाइन गेम में पैसा हार गई, जिससे उस पर कर्ज हो गया। इस कर्ज को चुकाने के लिए गहने गिरवी रख दिए थे।

पुरानी छावनी क्षेत्र में रहने वाले अरविंद सिंह सिकरवार बीएसएफ में आरक्षक हैं, जिनकी पदस्थापना बंगाल में है। उनकी बेटी शैजू सिकरवार की शादी हो चुकी है, लेकिन वह पति से अलग मायके में ही रहती है। शैजू की मां प्रिया के गहने कैपरी गोल्ड लोन में गिरवी रखे हुए थे, जो करीब छह तोला वजनी थे।

इन गहनों को निकालने के लिए शैजू पहुंची और अपने व मां के गहनों को बैग में रख लिया। वह बहोड़ापुर तिराहे के पास स्थित आइआइएफएल कंपनी में गहने रखने जा रही थी।

महिला ने लूट की जानकारी दी थी

बहोड़ापुर में महिला ने लूट की जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस ने महज आठ घंटे में पूरे मामले का राजफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि महिला ने ही अपने नाबालिग भाई और उसके दोस्त से लूट कराई थी।

पुलिस ने क्या कहा

एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, ऑनलाइन गेम में कर्ज होने के कारण महिला ने गहने गिरवी रखे थे और दूसरी कंपनी के रुपये व गहने हड़पने के लिए यह साजिश रची थी।

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