अंचल में प्री-मानसून की तेज वर्षा का सिलसिला शुरू हो चुका है और मौसम विभाग के अनुसार मानसून भी जल्द ही शहर में पूरी तरह सक्रिय होने वाला है। …और पढ़ें

HighLights
- मानसून की बारिश के कारण सड़कें बनीं दुपहिया वाहन चालकों के लिए खतरनाक
- जलभराव से इंजन सीज होने और इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शॉर्ट सर्किट का खतरा
- दुर्घटना से बचने के लिए रफ्तार 30-40 किमी रखें और सुरक्षित दूरी बनाएं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल में प्री-मानसून की तेज वर्षा का सिलसिला शुरू हो चुका है और मौसम विभाग के अनुसार मानसून भी जल्द ही शहर में पूरी तरह सक्रिय होने वाला है। जहां एक ओर यह वर्षा गर्मी से राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर सफर करने वाले दुपहिया वाहन चालकों के लिए आफत भी रहेगी।
शुरुआती वर्षा के कारण ही शहर के कई मुख्य मार्गों और अंदरूनी सड़कों पर छोटे-बड़े गड्ढे उभरने लगे हैं। ऐसे में यदि ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सड़कों पर जलभराव के चलते ये गड्ढे साइलेंट किलर साबित हो सकते हैं। जरा सी चूक न सिर्फ आपको गंभीर रूप से घायल कर सकती है, बल्कि आपके वाहन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
इन प्रमुख मार्गों पर सफर करते समय रहें अलर्ट
शहर के कुछ प्रमुख व्यस्ततम इलाके जैसे झांसी रोड, सचिन तेंदुलकर मार्ग जैसी सड़कों पर सीवर और ड्रेनेज के अधूरे कार्यों के चलते स्थिति चिंताजनक हो जाती है। पानी भरने के कारण सड़क का समतल हिस्सा और गहरा गड्ढा एक समान नजर आने लगते हैं। अक्सर देखा गया है कि जलभराव के दौरान बाइक या स्कूटर का अगला पहिया अचानक गड्ढे में जाने से वाहन अनियंत्रित हो जाता है, जिससे चालक सीधे सड़क पर आ गिरते हैं।
घायल होने के साथ वाहन को भी पहुंचता है नुकसान
- इंजन सीज होने का खतरा: यदि पानी का स्तर बाइक के साइलेंसर या स्कूटर के एयर फिल्टर तक पहुंच जाता है, तो पानी सीधे इंजन के अंदर खिंच जाता है। ऐसे में इंजन अचानक बंद हो जाता है, जिसे ठीक कराने में हजारों रुपये का खर्च आता है।
वर्षा में यह बरतें सावधानियां
- गति पर रखें नियंत्रण: वर्षा के दौरान गाड़ी की रफ्तार हमेशा 30 से 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न रखें। गीली सड़कों पर टायर की ग्रिप कम हो जाती है, जिससे अचानक ब्रेक लगाने पर गाड़ी फिसल सकती है।
- जलभराव में इंजन स्टार्ट न रखें: यदि सड़क पर घुटने तक पानी भरा है, तो जबरन गाड़ी निकालने की कोशिश न करें। अगर गाड़ी पानी के बीच में बंद हो जाए, तो उसे दोबारा स्टार्ट करने की गलती बिल्कुल न करें, उसे पैदल ही खींचकर सुरक्षित स्थान पर लाएं।
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