मध्यप्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार आज होने वाली कैबिनेट बैठक में बड़ा निर्णय ले सकती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए दलहनी फसलों पर बोनस देने से जुड़ा प्रस्ताव रखा जा सकता है। इसके अलावा विभिन्न विभागों की योजना की निरंतरता का प्रस्ताव आ सकता है। 

दलहन में नंबर-1 बनने का लक्ष्य

सरकार का उद्देश्य प्रदेश को दलहन उत्पादन में देश में अग्रणी बनाना है। इसी दिशा में किसानों को आर्थिक रूप से प्रोत्साहन देने के लिए बोनस योजना तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार भी ‘राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के तहत उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक देश में दलहन उत्पादन को 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन करना है, साथ ही खेती का रकबा भी बढ़ाया जाना है। खास ध्यान उन क्षेत्रों पर है जहां धान कटाई के बाद खेत खाली रह जाते हैं। 

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किन फसलों को मिलेगा लाभ

सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित योजना दो चरणों में लागू हो सकती है। पहले चरण में मसूर और उड़द और दूसरे चरण में चना और तुअर शामिल है। इन फसलों के उत्पादन पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर अतिरिक्त बोनस दिया जा सकता है।  प्रदेश में दलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए पांच नई दाल मिलें स्थापित करने की योजना भी है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास और लोक निर्माण विभाग की कुछ योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है। 

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