नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सात माह पहले घाटीगांव क्षेत्र में हाईवे किनारे कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह तोमर के फार्म हाउस पर पकड़ी गई अवैध शराब फैक्ट्री के मामले में आबकारी अफसरों ने चालान पेश कर दिया है। आबकारी ने चालान भले ही पेश कर दिया है लेकिन इस मामले में पूरी कार्रवाई अभी भी अधूरी है।

कार्यप्रणाली कठघरे में

आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली कठघरे में है क्योंकि इस मामले में मुख्य कड़ी आरोपित रणदीप मलिक उर्फ करण को अभी तक नहीं पकड़ा जा सका है दूसरी अहम बात यह कि अवैध शराब बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली स्प्रिट कहां से आती थी यह भी पता नहीं चला है। आबकारी को इतना ही पता चला है कि रणदीप किसी गुप्ता से यह स्प्रिट लाता था, लेकिन दोनों हाथ में नहीं है। उधर, कांग्रेस नेता को अग्रिम जमानत मिल गई।

बता दें कि सात माह पहले आबकारी की टीम ने घाटीगांव हाईवे पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह तोमर के फार्म हाउस पर दबिश दी थी जहां सामने आया कि सुनियोजित ढंग से अवैध शराब की फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। दो मंजिला फार्म हाउस में नकली देशी-विदेशी शराब की फैक्ट्री चल रही थी। यहां से लगभग चार करोड़ रुपये की नकली शराब और एक करोड़ की मशीनें व सामग्री जब्त की गई। एक महिला सहित पांच आरोपित पकड़े गए हैं, जिनमें हरियाणा के तस्कर भी शामिल हैं।

फार्म हाउस ग्वालियर कांग्रेस नेता सुरेंद्र तोमर का होना पता चला जो कि किराए से लेकर चलाया जा रहा था। आरोपितों में सुनीता जाट (नजफगढ़), मोहित उर्फ मोनू तोमर (अंबाह), सुमित जाट, प्रीतम जाट और दीपक जाट (जींद, हरियाणा) पकड़े गए फैक्ट्री से 25 हजार लीटर कच्ची शराब, 429 पेटियां रेडी ब्रांड की शराब, नकदी सात लाख रुपये और यूपी नंबर की लोडिंग गाड़ी जब्त की गई है।

यहां से शराब की सप्लाई हरियाणा की जाती थी। इसके बाद सुरेंद्र सिंह तोमर के नाम एग्रीमेंट मिलने पर आरोपित बनाया और करनाल के रणदीप मलिक व अमित कुमार का नाम सामने आया जिसपर मामला दर्ज किया गया। यह पता चला था कि रणदीप कांग्रेस से जुड़ा है।

मास्टर माइंड है रणदीप, वही आबकारी को नहीं मिला

इस मामले में आबकारी को मास्टरमाइंड रणदीप ही नहीं मिल सका है, यह हैरत की बात है। वहीं कांग्रेस नेता को भी पकड़ने के लिए आबकारी की टीम ने दबिश दी थी लेकिन कभी आबकारी की टीम गिरफ्तारी नहीं कर पाई। आरोपित पहले भिंड में अवैध शराब फैक्ट्री में काम कर चुके हैं।

डीएनडी अवैध बार का संचालक फरार

फूलबाग स्थित दीनदयाल मॉल में डीएनडी नाम से अवैध बीयर बार में आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई की थी, जिसका संचालक संजीव शिवहरे फरार है। मौके से आबकारी की टीम ने एक आरोपित को पकड़ा जिसे जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। माल में अवैध बीयर बार का संचालन आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। इतने व्यस्ततम स्थल पर अवैध बीयर बार का संचालन किया जा रहा था और आबकारी विभाग के किसी को पता नहीं चला।

इन्होंने कहा…

कांग्रेस नेता के फार्म हाउस पर अवैध शराब फैक्ट्री के मामले में चालान पेश कर दिया गया है, इस मामले में आरोपित रणदीप मलिक अभी पकड़ा नहीं गया है। यह किसी गुप्ता से स्प्रिट लेता था। इस मामले में आबकारी की जांच अभी भी जारी है। डीएनडी फूलबाग माल में छापे के मामले में फरार आरोपित की तलाश की जा रही है। -राजेश तिवारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, ग्वालियर



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