नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कमर्शियल गैस सिलेंडर की लगातार तीसरे महीने कीमतें बढ़ी हैं। लेकिन इस बार सीधे-सीधे 993 रुपये 19 किलो गैस के कमर्शियल सिलिंडर पर बढ़ाए गए हैं। हालांकि केंद्र सरकार व गैस कंपनियां इस बढ़ोतरी को पश्चिम एशिया के युद्ध के असर से आई गैस किल्लत बता रही हैं।
ग्वालियर में अप्रैल महीने में जो व्यावसायिक सिलिंडर 2303 रुपये का मिल रहा था, वह अब 3296 रुपये का हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर की इस बढ़ोतरी ने महंगाई का एक तड़का लगा दिया है। इससे अब रेस्टोरेंट, होटल, चाय-नाश्ता सभी महंगा हो जाएगा। इसका असर सीधे-सीधे आम आदमी पर पड़ेगा।
ग्वालियर में तीन महीने में कीमतों का ग्राफ
मार्च 2026: मार्च की शुरुआत में कीमतें 2112 रुपये थीं।
अप्रैल 2026: अप्रैल में सिलेंडर का दाम 2303 रुपये तक पहुंचा।
मई 2026: अब 993 रुपये की भारी वृद्धि के बाद ग्वालियर में एक सिलेंडर की कीमत 3296 रुपये हो गई है।
युद्ध की आग और गैस की किल्लत
केंद्र सरकार और गैस कंपनियों का तर्क है कि इस भारी बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध है। युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की किल्लत पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर भारत के घरेलू बाजारों और ग्वालियर जैसे शहरों पर पड़ रहा है। हार्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह प्रभावित हुई है।
खान-पान पर पड़ेगा सीधा असर
होटल और रेस्टोरेंट: ग्वालियर के पड़ाव, लश्कर और मुरार क्षेत्र के रेस्टोरेंट संचालकों के लिए अब लागत निकालना मुश्किल होगा। भोजन की थाली और स्नैक्स के दामों में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि की आशंका है।
चाय-नाश्ता: शहर की प्रसिद्ध कचोरी और समोसे की दुकानों पर भी इसका असर दिखेगा। चाय के एक कप की कीमत में भी बढ़ोतरी होना लगभग तय है।
आम आदमी की जेब पर बोझ: हालांकि घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) के दाम स्थिर हैं, लेकिन बाहर खाना-पीना महंगा होने से आम आदमी का मासिक बजट प्रभावित होगा।
बढ़ सकती है घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी
कमर्शियल सिलेंडर के महंगा होने का असर सीधे घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति पर पड़ सकता है। क्योंकि घरेलू सिलेंडर वर्तमान में भी होटल व रेस्टोरेंट में उपयोग हो रहे हैं। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें बढ़ने से घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग बढ़ जाएगा। यानी कालाबाजारी बढ़ सकती है।
