नीट-यूजी परीक्षा पर इस बार पुलिस का डिजिटल पहरा रहेगा। पेपर लीक से लेकर तकनीकि धांधली और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए इस बार मप्र में 38 सा …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 29 Apr 2026 08:57:45 PM (IST)Updated Date: Wed, 29 Apr 2026 08:57:44 PM (IST)

NEET-UG 2026: एमपी में पहली बार 38 साइबर कमांडो का डिजिटल पहरा, डार्कवेब से लेकर जैमर तक हाई-टेक निगरानी
एमपी में पहली बार 38 साइबर कमांडो का डिजिटल पहरा (AI Generated Image)

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नीट-यूजी परीक्षा पर इस बार पुलिस का डिजिटल पहरा रहेगा। पेपर लीक से लेकर तकनीकि धांधली और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए इस बार मप्र में 38 साइबर कमांडो परीक्षा की डिजिटल निगरानी करेंगे। सर्वर से लेकर डार्कवेब और इंटरनेट मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर बारीक नजर रखी जाएगी। परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाहों पर भी यह डिजिटल फोर्स निगाह रखेगी। पहली बार मप्र में यह प्रयोग होने जा रहा है, जब साइबर कमांडो किसी परीक्षा की निगरानी करेंगे।

283 केंद्रों पर होगी 1.18 लाख परीक्षार्थियों की अग्निपरीक्षा

यहां बता दें कि पूरे प्रदेश में 283 परीक्षाकेंद्र बनाये गए हैं। तीन मई को यह परीक्षा होगी। जिसमें करीब 1.18 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। ग्वालियर में भी दो साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। यह ग्वालियर और चंबल में परीक्षाकेंद्रों पर विशेष निगाह रखेंगे। ग्वालियर और चंबल के परीक्षाकेंद्रों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। इसकी वजह है- पूर्व में यहां से दूसरी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। इसलिए यहां के परीक्षाकेंद्रों पर अधिक फोकस है।

ऐसे साइबर कमांडो करेंगे डिजिटल निगरानी

परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फीड को साइबर कमांडो लाइव ट्रैक कर सकेंगे। जिससे किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति को तुरंत चिन्हित किया जा सकेगा। नेटवर्क सुरक्षा: नेटवर्क सिग्नल का लाइव आडिट करेंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास के इंटरनेट नेटवर्क पर विभिन्न टूल के माध्यम से नजर रखेंगे। निगाह रखेंगे कि परीक्षाकेंद्र से कोई अनाधिकृत, संदिग्ध डिवाइस नेटवर्क से कनेक्ट तो नहीं हो रही।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस पर जैमर का शिकंजा

जैमर और अन्य फ्रीक्वेंसी डिटेक्शन उपकरण के जरिये ब्लूटूथ, माइक्रोफोन व अन्य गैजेट्स के इस्तेमाल को ट्रैक कर सकेंगे। इस तरह की परीक्षाओं के समय छात्रों को बरगलाकर डार्कवेब व इंटरनेट मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर फर्जी पेपर बेचने वाले सक्रिय हो जाते हैं। इसे असली पेपर बताकर बेच देते हैं, ठगी करते हैं। इन पर साइबर कमांडो निगरानी करेंगे। इस तरह की अफवाह पर सीधे एफआइआर भी दर्ज होगी। वाट्स एप ग्रुप, टेलीग्राम ग्रुप पर विशेष निगाह रखी जाएगी।



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