नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पहले आवासीय ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई।

55 बीघा में बनेगा परिसर, 5000 छात्रों की क्षमता

यह विश्वविद्यालय शिवपुरी लिंक रोड, शीतला माता मार्ग स्थित ग्राम बेला में बनाया जाएगा। लगभग 55 बीघा भूमि पर बनने वाले इस परिसर की अनुमानित लागत 110 करोड़ रुपये है। यहां करीब 5,000 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की सुविधा होगी। निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।

‘मध्य भारत शिक्षा समिति’ करेगी संचालन

करीब 85 वर्षों से सक्रिय मध्य भारत शिक्षा समिति विश्वविद्यालय का संचालन करेगी। लक्ष्य है कि गुरु पूर्णिमा (18 जुलाई 2027) से शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाए।

मंच पर प्रमुख अतिथि रहे मौजूद

कार्यक्रम में आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

नई शिक्षा नीति से जुड़े सपनों पर जोर

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद शिक्षा में भारतीय दर्शन को समाहित करने की अपेक्षा थी, जो अब नई शिक्षा नीति के माध्यम से साकार हो रही है।

बनने वाले विश्वविद्यालय की विशेषताएं जाने

  • विश्वविद्यालय की लागत 110 करोड़, तीन साल में तैयार होगा, गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से सत्र शुरू करने का लक्ष्य तय है।
  • इसका संचालन मध्य भारत शिक्षा समिति करेगी। आरएसएस का पहला विश्वविद्यालय होगा। संघ से जुड़े शैक्षिक संस्थानों विद्या भारती स्कूल संचालित करती है।
  • ग्वालियर के बाद प्रदेश में किसी और शहर में आरएसएस विश्वविद्यालय का अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संघ से जुड़े विद्या भारती की देशभर में पांच नई यूनिवर्सिटी बनाने की योजना विचाराधीन हैं।
  • चाणक्य यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु कर्नाटक में पहले से खुल चुकी है। पहला बैच 200 छात्रों का शुरू हो चुका है। असम गुवाहाटी- एक और आरएसएस यूनिवर्सिटी पर काम चल रहा है। बाकी तीन यूनिवर्सिटी अभी जगह फाइनल नहीं हुई है।
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 1938 में ग्वालियर में शुरू हुई थी पहली शाखा
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्वालियर में पहले प्रचारक नारायण राव तर्ते आये थे। उन्हीं के प्रयासों से अप्रैल 1938 में जीवाजीगंज स्थित पोतनीस की धर्मशाला में नियमित रूप से संघ शाखा प्रारंभ हुई थी। महानगर की पहली शाखा में जाने वाले प्रमुख स्वयंसेवक थे-माधवराव वाघ, श्रीकृष्ण कान्हेरे, माधव केलकर, श्रीधर गोपाल कुंटे, दत्तात्रय कल्याणकर, दिगम्बर सोहनी, नरहरि सोहनी, राव साहब पाटील, कृष्णराव भट्ट, सदाशिवराव भिड़े, श्रीरंग हरि गोखले, बापूनाना परांजपे।



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