भगवान महाकाल को लगाया हर्बल गुलाल
हर साल की तरह इस बार भी महाकाल मंदिर में भक्तों ने भगवान के साथ होली खेलने की इच्छा जताई लेकिन पिछले साल हुए हादसे के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई। भस्म आरती में भगवान महाकाल को विशेष रूप से हर्बल गुलाल अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं को केवल दर्शन व आरती का लाभ लेने दिया गया।
महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब
हालांकि मंदिर मे रंग गुलाल पर प्रतिबंध होने के चलते इस बार पिछले साल जैसी रंगत देखने को नहीं मिली, लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं रही। भक्तों ने प्रहलाद की भक्ति और होलिका के अंत की कथा को याद करते हुए सत्य की विजय का संदेश लिया। बाबा महाकाल की आरती के साथ होली का रंग भक्तों के मन में बसा रहा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को गुलाल ले जाने की अनुमति नहीं थी लेकिन मंदिर में भस्म आरती और गुलाल अर्पण की परंपरा निर्विघ्न पूरी की गई।
14 मिनट का ग्रहण जानिए क्या रहेगा पूजन का क्रम
मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा का दिन है। शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा ने बताया कि सुबह की उद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान पूजन के बाद भगवान को भोग अर्पित कर संध्या आरती संपन्न की जाएगी। ग्रहण 3 मार्च को शाम 6:32 से 6:46 तक यानी 14 मिनट तक रहने वाला है, जबकि ग्रहण का वेदकाल सुबह सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा।




