विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर दिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी बीच मंदिर समिति ने भस्म आरती बुकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।

अब तक पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर श्रद्धालु एक दिन पहले लाइन में लगकर टिकट काउंटर से बुकिंग कराते थे लेकिन अब यह व्यवस्था बंद कर दी गई है। अब श्रद्धालु एक दिन पहले ऑनलाइन माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे। साथ ही भस्म आरती की अग्रिम बुकिंग अवधि को भी तीन माह से घटाकर एक माह कर दिया गया है। मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने बताया कि 9 अप्रैल से तत्काल भस्म आरती बुकिंग की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर दी गई है, जो सुचारू रूप से जारी है।

भगवान महाकाल की भस्म आरती अनुमति प्रक्रिया में मंदिर प्रबंध समिति ने बड़ा बदलाव किया है। अब श्रद्धालुओं को परमिशन के लिए आधी रात से काउंटर पर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। बरसों पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर ऑनलाइन सिस्टम लागू कर दिया गया है।

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अब श्रद्धालु दर्शन से एक दिन पहले पोर्टल के जरिए अपनी सीट सुरक्षित कर सकेंगे। पहले रोजाना करीब 1700 श्रद्धालुओं को भस्म आरती की अनुमति मिलती थी, जिसमें से 300 परमिशन ऑफलाइन काउंटर से दी जाती थी। इसके लिए लोगों को 5-6 घंटे तक लाइन में लगना पड़ता था लेकिन अब पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ये 300 परमिशन एक दिन पहले वेबसाइट पर तत्काल कोटे में उपलब्ध होंगी। इसके लिए मंदिर समिति ने प्रति श्रद्धालु 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया है।

सुबह 8 बजे खुलेगी बुकिंग विंडो

तत्काल बुकिंग के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। यदि किसी श्रद्धालु को 17 अप्रैल की भस्म आरती में शामिल होना है, तो उसे 16 अप्रैल सुबह 8 बजे मंदिर की वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। पोर्टल खुलते ही 300 सीटें बुक की जा सकेंगी।

अग्रिम बुकिंग अवधि में बदलाव

नियमित ऑनलाइन बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले श्रद्धालु तीन महीने पहले बुकिंग कर लेते थे, जिससे बाद में आने वालों को अवसर नहीं मिल पाता था। अब इस अवधि को घटाकर एक महीना कर दिया गया है। जून माह की बुकिंग 1 मई से और जुलाई की बुकिंग 1 जून से शुरू होगी।

त्रिकाल आरती भी हुई डिजिटल

भस्म आरती के साथ-साथ संध्या आरती और शयन आरती की व्यवस्था भी ऑनलाइन कर दी गई है। संध्या आरती के लिए दोपहर 12 बजे और शयन आरती के लिए शाम 4 बजे पोर्टल खुलेगा। इन आरतियों में बैठकर दर्शन करने के लिए 250-250 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि जो श्रद्धालु शुल्क नहीं देना चाहते, उनके लिए चलित दर्शन (लाइन में चलते हुए दर्शन) की नि:शुल्क व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।



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