शहर में शनिवार को हुई पहली बारिश के दौरान विद्युत मंडल की कथित लापरवाही एक बड़ा हादसा बन गई। जूना सोमवारिया क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-13 स्थित जानसापुरा मस्जिद के पास बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से आठ बकरों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार कुरैशी समाज के 30 से 40 बकरों का झुंड शाम के समय क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे आठ बकरे बिजली के खंभे के संपर्क में आ गए और करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और विद्युत मंडल के खिलाफ नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर (डीपी) और खुले बिजली तारों को लेकर कई बार विद्युत मंडल को लिखित शिकायतें दी गई थीं। रहवासियों ने संभावित हादसे की आशंका भी जताई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।
सूचना मिलने पर वार्ड पार्षद इमरान खान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र से डीपी हटाने और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग पहले भी की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए जीवाजीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की मांग की है।
गरीब परिवारों पर आर्थिक संकट
बताया जा रहा है कि मृत बकरों में कई ऐसे थे जिन्हें कुछ परिवार किराये पर चराने के लिए लाए थे। बकरों की मौत से इन परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूरी और पशुपालन से जीवनयापन करने वाले परिवारों के सामने अब अतिरिक्त आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पहली बारिश में उजागर हुई व्यवस्थाओं की खामियां
रहवासियों का कहना है कि शहर की पहली बारिश ने ही बिजली व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते बिजली के तारों और डीपी की मरम्मत कर दी जाती तो यह घटना नहीं होती। फिलहाल जीवाजीगंज पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
