मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में दस्तक दे सकता है। इससे पहले कई जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रह सकता है।
इंदौर-उज्जैन संभाग में धूप का असर
प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, आगर-मालवा और शाजापुर समेत कई जिलों में तेज धूप निकलने के आसार हैं।
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बारिश के आंकड़ों में अभी भी पीछे प्रदेश
हालांकि प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है, लेकिन जून महीने में प्रदेश का कुल वर्षा रिकॉर्ड अभी सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा बनी हुई है।
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बारिश से लुढ़का तापमान
प्री-मानसून बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। रीवा में 7.3 डिग्री, सतना में 6.6 डिग्री और ग्वालियर में 5.8 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है और अगले तीन से पांच दिनों में मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री हो सकती है। मानसून के आगमन के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
