तकनीकी शिक्षा को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में राजधानी के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में एक नई पहल की गई है। अब प्रिंटिंग और पैकेजिंग की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अलग-अलग किताबों, नोट्स और वेबसाइट्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे एक ही मोबाइल एप के जरिए तकनीकी अभ्यास कर सकेंगे, अपनी तैयारी जांच पाएंगे और देशभर के विद्यार्थियों के बीच अपनी रैंकिंग भी देख सकेंगे। विश्वविद्यालय के न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी विभाग के सहायक प्राध्यापक अभिषेक पाण्डेय ने ‘मास्टर प्रिंटपैक’ नाम से एक विशेष मोबाइल एप विकसित किया है। इसे प्रिंटिंग और पैकेजिंग शिक्षा को आसान, व्यावहारिक और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

एक एप में पूरी तकनीकी तैयारी

एप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि विद्यार्थी एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग डिजाइन, औद्योगिक मानकों और तकनीकी प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल हल कर सकें। एप में विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए सैकड़ों बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल किए गए हैं। इन प्रश्नों में स्पेक्ट्रोडेन्सिटोमेट्री, टिकाऊ स्याही परीक्षण और पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़ी तकनीकी जानकारी को भी शामिल किया गया है। खास बात यह है कि हर बार प्रश्नों का क्रम बदल जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को रटने के बजाय विषय को समझकर तैयारी करनी होगी।

देशभर के विद्यार्थियों से होगी सीधी प्रतिस्पर्धा

एप की सबसे खास सुविधा लाइव ग्लोबल लीडरबोर्ड है। इसके जरिए विद्यार्थी अपनी तकनीकी दक्षता और प्रदर्शन की तुलना देशभर के अन्य छात्रों से कर सकेंगे। इससे छात्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वे अपनी कमजोरियों को पहचानकर तैयारी बेहतर कर पाएंगे। शिक्षकों का मानना है कि यह फीचर विद्यार्थियों को लगातार सीखने और खुद को अपडेट रखने के लिए प्रेरित करेगा।

90 दिन की मेहनत के बाद तैयार हुआ एप

इस एप को तैयार करने में करीब 90 दिन का समय लगा। इसके बाद 14 दिनों तक लगातार परीक्षण किया गया। परीक्षण प्रक्रिया में विभाग के 27 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की टीम शामिल रही। डेवलपमेंट के दौरान इस बात का भी विशेष ध्यान रखा गया कि एप का उपयोग आसान हो और विद्यार्थी बिना तकनीकी परेशानी के इसका इस्तेमाल कर सकें।

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डेटा सुरक्षा पर भी विशेष फोकस

विद्यार्थियों की निजी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए एप में अलग डेटा सुरक्षा प्रणाली विकसित की गई है। इसमें केवल डिस्प्ले नेम दिखाई देगा, जबकि ईमेल और अन्य निजी जानकारियां पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। एप को इस तरह तैयार किया गया है कि विद्यार्थी सुरक्षित माहौल में तकनीकी अभ्यास और ऑनलाइन मूल्यांकन कर सकें।

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डिजिटल और व्यावहारिक शिक्षा की दिशा में कदम

विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी और विभागाध्यक्ष डॉ. पी. शशिकला के मार्गदर्शन में विकसित इस एप को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग माना जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म तकनीकी विषयों की पढ़ाई को और अधिक व्यावहारिक और रोजगार उन्मुख बनाएंगे।

 



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