मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी सेक्टर के विस्तार पर बड़ा फोकस किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में डेयरी गतिविधियों को सहकारिता मॉडल के जरिए तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन सकता है, इसलिए सरकार इसे प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेयरी विकास योजना के तहत प्रदेश के 26 हजार गांवों को जोड़ा जाए और प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दूध संकलन का लक्ष्य हासिल किया जाए।
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डेयरी समितियों में बढ़ाए महिलाओं की भागीदारी
सीएम ने कहा कि डेयरी समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए और ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए। साथ ही दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए ब्रांडिंग मजबूत करने, नई पैकेजिंग डिजाइन तैयार करने और बाजार विस्तार पर काम करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और युवाओं को डेयरी टेक्नोलॉजी की नई तकनीकों से परिचित कराया जाए। जिला स्तर पर आदर्श पशुपालकों का सम्मान, दूधारू पशुओं की प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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मोबाइल एप से दुग्ध संकलन की शुरुआत
बैठक में जानकारी दी गई कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के सहयोग से वर्ष 2025-26 में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जबकि 701 बंद समितियों को दोबारा सक्रिय किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन 9.67 लाख किलोग्राम दूध संकलन हो रहा है। इसके अलावा 153 नए बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए हैं। अब दुग्ध संकलन के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की जा रही है, जिससे पशुपालकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और भुगतान की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
