मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू में अपने दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन की शुरुआत योगाभ्यास से की। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ विभिन्न योगासन किए और सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कुकरू के कॉफी बागान का निरीक्षण कर वहां की संभावनाओं की भी जानकारी ली। 

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित कई कठिन योगासन कर अपनी फिटनेस का परिचय दिया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और शलभासन जैसे आसनों का अभ्यास स्थानीय ग्रामीणों के साथ किया। इसके अलावा नाड़ी शोधन, तितली और भ्रामरी प्राणायाम भी किए गए। योग कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। 

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योग से मिलता है संतुलन और ऊर्जा: सीएम

योगाभ्यास के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बैतूल के कुकरू में स्थानीय ग्रामीणों के साथ योग करना सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलन, ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया।



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