मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश को विकसित किए जाने के लिए बुनियादी रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानवसंसाधन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए आसान प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने सुशासन के अनेक बिंदुओं की नियमित समीक्षा से आए बदलाव के लिए कलेक्टर्स की तारीफ की।
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प्रदेश में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि केवल आंकड़े प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझें और जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करें। कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य सचिव ने इंदौर कलेक्टर से चर्चा करते हुए कहा कि प्रशासनिक क्षमता का आकलन केवल तकनीकी दक्षता से नहीं होता। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि मोबाइल पर उपलब्ध आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय योजनाओं की वास्तविक प्रगति और समस्याओं को समझकर निर्णय लें। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने एक जिले के कलेक्टर से गर्भवती महिलाओं को आवश्यक दवाएं नहीं मिलने की स्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों तक सभी आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचना सुनिश्चित करें।
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बैठक में स्कूल शिक्षा, जल संरक्षण, अधोसंरचना विकास, पेयजल, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समय-सीमा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें, फील्ड विजिट बढ़ाएं और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
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मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि शहरीकरण के तहत मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवसंसाधन के कौशल विकास पर भी काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पी.एम गतिशक्ति पर निर्माण कार्यों और संपत्ति की मेपिंग चल रही है, कलेक्टर्स सी.एम गतिशक्ति पर भी प्रदेश के निर्माण कार्यों और समस्त प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी अपडेट करें जिससे नियमित समीक्षा हों सके। उन्होंने शासकीय संपत्ति का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किए जाने पर भी बल दिया। श्री जैन ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण के बाद रिक्त हुए स्कूल भवनों में आयुष बेलनेस सेंटर, उप-स्वास्थ्य केंद्र,आगंनवाड़ी आदि संचालित किए जा सकते है।
