thought इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाली बंगाल निवासी अल्पसंख्यक छात्रा को विश्वविद्यालय ने निष्कासित कर दिया है और जांच कर उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह किसी रैकेट का हिस्सा तो नहीं है।
छात्रा खुद रोज वीडियो कॉल पर अपने बॉयफ्रेंड से बातें करती थी। इसके अलावा वह एक ऐप के जरिए दूसरी छात्राओं पर भी लड़कों से दोस्ती करने का दबाव डालती थी। उसकी शिकायत अन्य छात्राओं ने की थी। जांच के बाद आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप सही पाए जाने पर बंगाल की अल्पसंख्यक छात्रा को हॉस्टल से निकाल दिया गया है।
हॉस्टल में रहने वाली चार अन्य छात्राओं ने भी इसी तरह की शिकायतें की थीं। इन शिकायतों में यह भी कहा गया था कि वह छात्रा अन्य लड़कियों को एक मोबाइल ऐप के माध्यम से लड़कों से दोस्ती करने के लिए उकसा रही थी। विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति की छानबीन के दौरान वार्डन को छात्रा के कमरे से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली। कुलपति के अनुसार जांच में यह पाया गया कि उस छात्रा का हॉस्टल में रहना अन्य छात्राओं के लिए समस्या बन सकता है, इसलिए उसे तुरंत निष्कासित करने का निर्णय लिया गया।
छात्रा के हॉस्टल के रूम की जांच की गई तो उसमें सिगरेट के पैकेट मिले। वह रोज सिगरेट पीती थी। उसके मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं, हालांकि उसका मोबाइल जब्त नहीं किया गया है। छात्रा सीयूईटी के जरिए पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स करने आई थी। वह कोलकाता की मूल निवासी है और कमला नेहरू हॉस्टल में रहती है। छात्रा की गतिविधियों की जानकारी उसके पिता को भी दी गई है। वे दो-तीन दिन में इंदौर आकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
