इंदौर में शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर को धमकाने से जुड़े हनी ट्रैप-2 मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर निवासी रेशु उर्फ अभिलाषा और इंदौर पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को मजिस्ट्रेट के बंगले पर पेश किया गया। वहां से कोर्ट ने उन्हें 25 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस हाई प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों ने भी इंदौर पुलिस से पूरे केस की जानकारी जुटाई है। सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क में कई नेता, अफसर और बड़े कारोबारी जुड़े होने की आशंका है। अब तक इस केस में कथित लेडी तस्कर अलका दीक्षित, लाखन चौधरी, जयदीप, जितेंद्र पुरोहित और मास्टरमाइंड श्वेता जैन समेत कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

राजनीति में रेशु का अच्छा खासा दखल

जांच में सामने आया है कि भोपाल के चर्चित हनी ट्रैप-1 मामले की मुख्य आरोपी श्वेता जैन के साथ मिलकर रेशु उर्फ अभिलाषा कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क में थी। बताया जा रहा है कि उसका नेटवर्क सागर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ था। रेशु सागर में राजनीति में भी रह चुकी है। वह मूल रूप से सागर के मकरोनिया क्षेत्र की रहने वाली है। जानकारी के मुताबिक, पढ़ाई के लिए वह ओमान गई थी। वहां उसने एक कारोबारी से शादी की, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया। भारत लौटने के बाद उसने राजनीति में सक्रियता बढ़ाई और सागर में यूपीएससी कोचिंग सेंटर भी संचालित किया। इस दौरान उस पर कुछ लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप भी लगे।

सागर में एक विधायक से नजदीकियों को लेकर भी चर्चा में थी

सूत्रों के अनुसार, सागर में एक विधायक से नजदीकियों को लेकर रेशु चर्चा में आई थी। बताया जाता है कि विधायक की पत्नी और परिजनों ने सार्वजनिक रूप से उसे फटकार भी लगाई थी। इसके बाद वह मकरोनिया क्षेत्र में कई संदिग्ध और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के संपर्क में आ गई। जांच एजेंसियों को उसके दिल्ली में एक केंद्रीय राज्य मंत्री से करीबी संबंधों की भी जानकारी मिली है।

आईएएस अकादमी नाम से कोचिंग संस्थान भी शुरू किया था

रेशु इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल में खुद को कभी यूपीएससी प्री परीक्षा क्वॉलिफाइड तो कभी एमपीपीएससी प्री-2016 पास-आउट बताती थी। कुछ प्रोफाइल में उसने रेवेन्यू सर्विस में चयनित होने का दावा भी किया। वर्ष 2016 में उसने ब्रह्मपुत्र आईएएस अकादमी नाम से कोचिंग संस्थान भी शुरू किया था, जो कुछ समय बाद बंद हो गया।

भोपाल के नरयावली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की थी तैयारी

कोविड काल में वह कई नेताओं और एक विधायक के साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दी थी। उस दौरान उसकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए थे, जिससे उसकी राजनीतिक पहुंच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। चर्चा यह भी रही कि भोपाल के एक बड़े नेता के संपर्क में आने के बाद उसने नरयावली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। क्षेत्र में होर्डिंग्स लगवा कर उसने अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि, वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदीप लारिया को प्रत्याशी बना दिया और उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं अधूरी रह गईं। फिलहाल इंदौर पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक रूप से किसी बड़े खुलासे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामला सामने आने के बाद सागर के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।



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